त्योहारों से पहले महंगे हो सकते हैं AC और TV, कंपनियां बढ़ाने की तैयारी में दाम
तांबा, इस्पात और अन्य कच्चे माल की बढ़ती लागत से कंपनियों पर दबाव; त्योहारी सीजन में कीमतों में 3 से 8 फीसदी तक बढ़ोतरी की संभावना

नई दिल्ली। त्योहारी सीजन शुरू होने से पहले उपभोक्ताओं को इलेक्ट्रॉनिक्स सामान खरीदने के लिए ज्यादा कीमत चुकानी पड़ सकती है। एयर कंडीशनर (AC), LED टीवी, वॉशिंग मशीन और रेफ्रिजरेटर जैसे उत्पाद बनाने वाली कंपनियां कच्चे माल की लागत बढ़ने के कारण कीमतों में संशोधन की तैयारी कर रही हैं। उद्योग से जुड़े अनुमानों के मुताबिक कुछ श्रेणियों में उत्पादों के दाम करीब 3 से 8 फीसदी तक बढ़ सकते हैं।
कंपनियों की लागत पर सबसे ज्यादा असर तांबा, इस्पात, एल्युमिनियम, प्लास्टिक और कच्चे तेल से जुड़े उत्पादों की कीमतों में तेजी का पड़ रहा है। ऐसे में निर्माता बढ़ती लागत का कुछ हिस्सा ग्राहकों पर डालने की तैयारी में हैं।
तांबे की कीमत में बड़ी तेजी
इलेक्ट्रॉनिक्स और घरेलू उपकरणों के निर्माण में तांबे का इस्तेमाल महत्वपूर्ण रूप से होता है। रिपोर्ट के मुताबिक तांबे की कीमत पिछले साल के करीब 8,000-9,000 डॉलर प्रति टन के स्तर से बढ़कर लगभग 14,500 डॉलर प्रति टन तक पहुंच चुकी है।
एयर कंडीशनर में भी तांबे की अच्छी खासी मात्रा इस्तेमाल होती है। एक एसी में औसतन करीब तीन से चार किलोग्राम तांबे की जरूरत पड़ सकती है। ऐसे में इसकी कीमत में हुई तेज बढ़ोतरी का सीधा असर उत्पादन लागत पर पड़ रहा है।
त्योहारी सीजन से पहले कंपनियों की चुनौती
नवरात्रि से लेकर दिवाली तक इलेक्ट्रॉनिक्स और घरेलू उपकरणों की बिक्री में तेजी देखने को मिलती है। कंपनियां इस अवधि में ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए कई तरह के ऑफर और डिस्काउंट भी देती हैं।
ऐसे में निर्माताओं के सामने एक तरफ बढ़ती उत्पादन लागत है, जबकि दूसरी ओर त्योहारी मांग को बनाए रखने की चुनौती है। कंपनियों को कीमत बढ़ाने और बिक्री प्रभावित न होने के बीच संतुलन बनाना होगा।
उद्योग की रिपोर्ट के अनुसार ओणम से दशहरा और दिवाली तक का समय घरेलू उपकरण निर्माताओं के लिए सालाना बिक्री का करीब 30 से 40 फीसदी हिस्सा लेकर आता है। इसलिए कंपनियां कीमतों में बदलाव को लेकर सावधानी से फैसला ले रही हैं।
महंगे उत्पादों से मांग पर पड़ सकता है असर
कच्चे माल की कीमत बढ़ने का असर सिर्फ कंपनियों की लागत तक सीमित नहीं है। यदि इसका पूरा भार ग्राहकों पर डाला जाता है तो महंगे इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादों की खरीदारी पर भी असर पड़ सकता है।
खासकर त्योहारी सीजन में ग्राहक ऑफर, कैशबैक और डिस्काउंट को देखते हुए खरीदारी करते हैं। ऐसे में कीमतों में बढ़ोतरी से कंपनियों को मांग और मार्जिन के बीच संतुलन बनाना होगा।
कुछ कंपनियां पहले ही बढ़ा चुकी हैं कीमतें
रिपोर्ट के अनुसार कुछ कंपनियों ने अलग-अलग इलेक्ट्रॉनिक्स श्रेणियों में कीमतों में बढ़ोतरी शुरू कर दी है। एयर कंडीशनर की कीमतों में करीब 5 से 8 फीसदी, जबकि कुछ कंपनियों के वॉशिंग मशीन, रेफ्रिजरेटर और LED टीवी की कीमतों में लगभग 3 से 4 फीसदी तक वृद्धि की जा रही है।
हालांकि सभी कंपनियों ने एक साथ कीमतें नहीं बढ़ाई हैं। कुछ निर्माता फिलहाल बाजार की स्थिति और त्योहारी मांग का आकलन कर रहे हैं।
पुराने स्टॉक पर मिल सकता है फायदा
बाजार में मौजूद पुराने स्टॉक के कारण ग्राहकों को कुछ समय तक पूर्व कीमतों पर इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पाद खरीदने का मौका मिल सकता है। रिपोर्ट के अनुसार कंपनियों और वितरकों के पास अगस्त-सितंबर में पुराने दाम पर खरीदा गया स्टॉक मौजूद है।
ऐसे में दिवाली तक कुछ उत्पाद पुराने मूल्य पर उपलब्ध रह सकते हैं। लेकिन जैसे-जैसे पुराना स्टॉक खत्म होगा और नए दाम वाला माल बाजार में आएगा, कीमतों में बढ़ोतरी ज्यादा स्पष्ट दिखाई दे सकती है।
डॉलर और कच्चे माल की कीमत भी अहम
इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योग की लागत पर घरेलू कच्चे माल के अलावा अंतरराष्ट्रीय कीमतों और विदेशी मुद्रा में उतार-चढ़ाव का भी असर पड़ता है। तांबे और अन्य धातुओं की कीमतों में तेजी के साथ डॉलर की स्थिति भी कंपनियों की लागत को प्रभावित कर सकती है।
उद्योग से जुड़े लोगों का कहना है कि लागत में लगातार बढ़ोतरी होने की स्थिति में कंपनियों के लिए मौजूदा कीमतों पर लंबे समय तक उत्पाद बेचना मुश्किल हो सकता है।
त्योहारों में खरीदारी करने वालों पर असर
त्योहारी सीजन में टीवी, AC, फ्रिज और वॉशिंग मशीन जैसे उत्पादों की मांग आमतौर पर बढ़ती है। ऐसे में यदि कंपनियां कीमतों में बढ़ोतरी करती हैं तो ग्राहकों के बजट पर इसका असर पड़ सकता है।
हालांकि कंपनियां बिक्री बनाए रखने के लिए ऑफर, डिस्काउंट और अन्य प्रमोशनल योजनाओं का सहारा ले सकती हैं। इसलिए ग्राहकों के लिए आने वाले त्योहारी ऑफर और पुराने स्टॉक की कीमतों पर नजर रखना महत्वपूर्ण होगा।



