रसिक दुलारी शरण की मौत के बाद प्रेमानंद महाराज के केली कुंज में बदलाव, दीक्षा कार्यक्रम अनिश्चितकाल के लिए रोका
25 सितंबर को गुरु कृपा कुंज की चौथी मंजिल से गिरने के बाद हुई थी शिष्य की मौत; 30 सितंबर की सूचना में वस्त्रों और आश्रम की व्यवस्थाओं को लेकर नए निर्देश जारी

वृंदावन। संत प्रेमानंद महाराज से जुड़े केली कुंज आश्रम में शिष्य रसिक दुलारी शरण उर्फ दीपक लोधी की मौत के बाद आश्रम की व्यवस्थाओं में बदलाव किए गए हैं। आश्रम की ओर से 30 सितंबर 2026 को जारी जानकारी के अनुसार, केली कुंज में नए भक्तों को दीक्षा देने का कार्यक्रम अनिश्चितकाल के लिए रोक दिया गया है। इसके अलावा दर्शन व्यवस्था में भी बदलाव किया गया है।
रसिक दुलारी शरण की 25 सितंबर को गुरु कृपा कुंज की चौथी मंजिल से गिरने के बाद मौत हुई थी। घटना के बाद पुलिस मामले की जांच कर रही है। शुरुआती पुलिस जांच में घटना को आत्महत्या की आशंका के तौर पर देखा गया था, हालांकि मामले की जांच जारी है।
25 सितंबर को हुई थी शिष्य की मौत
जानकारी के मुताबिक रसिक दुलारी शरण करीब तीन महीने से गुरु कृपा कुंज में रह रहे थे। यह परिसर प्रेमानंद महाराज के ट्रस्ट से जुड़ा बताया गया है, जहां आश्रम से जुड़े कई शिष्य और सेवादार रहते हैं।
25 सितंबर की सुबह करीब 11 बजे रसिक दुलारी शरण इमारत की चौथी मंजिल पर गए थे। कुछ देर बाद उनके नीचे गिरने की सूचना मिली। गंभीर हालत में उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई।
घटना के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। वहीं, परिवार की ओर से घटना की निष्पक्ष जांच की मांग किए जाने की बात सामने आई है।
केली कुंज में दीक्षा कार्यक्रम फिलहाल बंद
शिष्य की मौत के बाद आश्रम की व्यवस्थाओं में महत्वपूर्ण बदलाव किया गया है। जारी सूचना के अनुसार, केली कुंज में दीक्षा देने की प्रक्रिया को अनिश्चितकाल के लिए रोक दिया गया है।
इसका मतलब है कि फिलहाल नए भक्तों को आश्रम की ओर से दीक्षा देने का कार्यक्रम आगे नहीं बढ़ाया जाएगा। वहीं, टोकन के माध्यम से होने वाले दर्शन को भी फिलहाल बंद रखने की जानकारी दी गई है।
शिष्यों के पहनावे को लेकर नए निर्देश
आश्रम की ओर से जारी सूचना में केली कुंज से जुड़े शिष्यों के पहनावे को लेकर भी नए निर्देश दिए गए हैं। पहले कुछ शिष्यों के लिए सफेद और पीले रंग का अचला पहनना निर्धारित था, लेकिन अब इसमें बदलाव किया गया है।
नई व्यवस्था के अनुसार, विरक्त या गृहस्थ शिष्य जो किसी व्यवसाय या रोजगार से जुड़े हैं, उन्हें सामान्य कपड़े या कुर्ता-पायजामा पहनने के निर्देश दिए गए हैं। इसमें ठेला, दुकान या अन्य व्यवसाय से जुड़े शिष्य भी शामिल हैं।
सेवा से जुड़े गृहस्थ शिष्यों के लिए भी बदलाव
केली कुंज की सेवा व्यवस्था से जुड़े गृहस्थ शिष्यों के लिए भी सामान्य कपड़े या कुर्ता-पायजामा पहनने की व्यवस्था लागू की गई है।
वहीं, सफेद वस्त्र पहनने की अनुमति उन विरक्त शिष्यों को दी गई है, जो प्रेमानंद महाराज की सेवा अथवा केली कुंज की व्यवस्थाओं में सक्रिय रूप से जुड़े हुए हैं।
आश्रम की व्यवस्थाओं में बदलाव जारी
25 सितंबर की घटना के बाद केली कुंज में दीक्षा, दर्शन और शिष्यों के पहनावे से संबंधित व्यवस्थाओं में बदलाव की जानकारी सामने आई है। आश्रम की 30 सितंबर की सूचना में इन बदलावों के संबंध में निर्देश जारी किए गए हैं। रसिक दुलारी शरण की मौत से जुड़े मामले की पुलिस जांच अपने स्तर पर जारी है।



