सिंहस्थ 2028 की तैयारियों को रफ्तार, हरिफाटक के दोनों मार्गों का निगम आयुक्त ने किया निरीक्षण
हनुमान नाका-हरिफाटक और नीलगंगा-हरिफाटक मार्ग के काम जल्द पूरा करने के निर्देश, वार्ड 23 में सफाई, पानी, नाली और प्रकाश व्यवस्था भी जांची

उज्जैन। सिंहस्थ 2028 को देखते हुए उज्जैन में सड़क और नागरिक सुविधाओं से जुड़े विकास कार्यों की निगरानी तेज हो गई है। इसी क्रम में नगर निगम आयुक्त अभिलाष मिश्रा ने मंगलवार को शहर के प्रमुख मार्गों और वार्ड 23 का निरीक्षण किया। निगम आयुक्त ने हनुमान नाका से हरिफाटक तथा नीलगंगा से हरिफाटक तक चल रहे सड़क चौड़ीकरण कार्यों की प्रगति देखी और संबंधित अधिकारियों को शेष काम समय-सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए।
हरिफाटक चौराहा विकास को प्राथमिकता
निरीक्षण के दौरान आयुक्त ने हरिफाटक चौराहे के विकास कार्यों को प्राथमिकता से आगे बढ़ाने पर जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि सिंहस्थ के दौरान इस क्षेत्र में श्रद्धालुओं और वाहनों की आवाजाही बढ़ने की संभावना है, इसलिए सड़क और चौराहे से जुड़े निर्माण कार्यों को समय पर पूरा करना जरूरी है।
निगम की ओर से चल रहे इन मार्ग विकास कार्यों का उद्देश्य शहर में यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाना और प्रमुख क्षेत्रों के बीच आवागमन को सुगम करना है। सिंहस्थ 2028 की तैयारियों के तहत उज्जैन में सड़क चौड़ीकरण और अन्य अधोसंरचना परियोजनाओं पर तेजी से काम चल रहा है।
हनुमान नाका-हरिफाटक मार्ग 18 मीटर चौड़ा किया जा रहा
हनुमान नाका से हरिफाटक मार्ग पर करीब 450 मीटर हिस्से को 18 मीटर चौड़ा करने का काम चल रहा है। इस परियोजना पर लगभग 10 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार मार्ग के 100 मीटर से अधिक हिस्से में पीक्यूसी कार्य पूरा हो चुका है।
आयुक्त ने निर्माण एजेंसी को बाकी हिस्से में भी काम की गति बढ़ाने और गुणवत्ता के साथ कार्य पूरा करने के निर्देश दिए।
नीलगंगा-हरिफाटक मार्ग पर भी निर्माण जारी
नीलगंगा से हरिफाटक मार्ग का विकास नेशनल क्लीन एयर प्रोग्राम के तहत किया जा रहा है। करीब 1.2 किलोमीटर लंबे और 18 मीटर चौड़े इस मार्ग के लिए लगभग 9 करोड़ रुपये की लागत बताई गई है।
निरीक्षण के दौरान आयुक्त ने संबंधित अधिकारियों और निर्माण एजेंसी से कार्य की प्रगति की जानकारी ली और शेष काम को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने को कहा।
वार्ड 23 में पैदल भ्रमण कर देखीं व्यवस्थाएं
इसके बाद निगम आयुक्त ने वार्ड क्रमांक 23 में क्षेत्रीय पार्षद एवं एमआईसी सदस्य रजत मेहता और अपर आयुक्त पवन कुमार सिंह के साथ पैदल भ्रमण किया। इस दौरान सफाई, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था, नाली, सीवर और अतिक्रमण से जुड़ी समस्याओं को मौके पर देखा गया।
आयुक्त ने अधिकारियों को नागरिकों से जुड़ी समस्याओं का मौके पर संज्ञान लेकर निर्धारित समय में समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
खुले प्लॉट पर नोटिस देने के निर्देश
निरीक्षण के दौरान वार्ड में खाली पड़े प्लॉटों का भी मुद्दा सामने आया। आयुक्त ने स्वच्छता निरीक्षक को निर्देश दिए कि जिन भूखंडों पर फिलहाल निर्माण नहीं हो रहा है, उनके मालिकों को नोटिस जारी कर खुले प्लॉटों को कवर कराया जाए।
उन्होंने कहा कि खुले भूखंडों में कचरा जमा होने से आसपास का क्षेत्र गंदा होता है और सफाई व्यवस्था पर भी असर पड़ता है। साथ ही लोगों से भी खुले प्लॉट में कचरा नहीं डालने की अपील की गई।
छोटी गलियों में घर-घर से कचरा उठाने की व्यवस्था
वार्ड की संकरी गलियों का निरीक्षण करते हुए आयुक्त ने निर्देश दिए कि जहां निगम के बड़े कचरा वाहन नहीं पहुंच पा रहे हैं, वहां सफाई मित्र घर-घर जाकर गीला और सूखा कचरा अलग-अलग एकत्र करें।
इससे ऐसी गलियों में कचरा खुले में पड़े रहने की समस्या को कम किया जा सकेगा।
नालियों पर बने अतिक्रमण हटाने के निर्देश
कुछ स्थानों पर नालियों के ऊपर बनाए गए ओटलों और अन्य निर्माणों का भी निरीक्षण किया गया। आयुक्त ने संबंधित अधिकारियों को ऐसे निर्माणों को लेकर नोटिस जारी करने और नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
उन्होंने नालियों की नियमित सफाई के साथ जल निकासी को सुचारु रखने पर भी जोर दिया, ताकि बारिश या अन्य परिस्थितियों में पानी जमा होने की समस्या न हो।
पेयजल समस्या वाले क्षेत्रों में तत्काल व्यवस्था
वार्ड के कुछ हिस्सों में पेयजल संबंधी शिकायतें सामने आने पर आयुक्त ने पीएचई विभाग को तत्काल व्यवस्था करने के निर्देश दिए। जरूरत वाले क्षेत्रों में बोरिंग और टैंकर के जरिए पानी उपलब्ध कराने के साथ नई पेयजल लाइन बिछाने की कार्रवाई करने को कहा गया।
प्रकाश व्यवस्था और सीवर से जुड़ी समस्याओं को भी मौके पर दर्ज कर जल्द समाधान के निर्देश दिए गए।
अधिकारियों को समय-सीमा में काम पूरा करने के निर्देश
निरीक्षण के दौरान आयुक्त ने अधिकारियों से कहा कि नागरिकों की मूलभूत सुविधाओं से संबंधित शिकायतों को केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित न रखा जाए, बल्कि मौके पर स्थिति देखकर समय-सीमा में निराकरण किया जाए।
इस दौरान अपर आयुक्त संतोष टैगोर, अधीक्षण यंत्री आर.के. जैन, कार्यपालन यंत्री हिमांशु तिवारी, पलाश शर्मा, साहिल मैदावाला, सहायक यंत्री मुकुल मेश्राम, गायत्री प्रसाद डेहरिया सहित संबंधित अधिकारी, ठेकेदार और कंसलटेंट मौजूद रहे।



