भारत-जर्मनी सहयोग को मिलेगी नई गति, मध्यप्रदेश में ऊर्जा और निवेश क्षेत्र में बढ़ेगी साझेदारी: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव
जर्मनी के KfW डेवलपमेंट बैंक के प्रतिनिधिमंडल ने की मुख्यमंत्री से मुलाकात, स्मार्ट मीटर और ऊर्जा अधोसंरचना के लिए 200 मिलियन यूरो निवेश में दिखाई रुचि

मध्यप्रदेश और जर्मनी के बीच आर्थिक, औद्योगिक और ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग को नई दिशा देने के उद्देश्य से शुक्रवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंत्रालय में जर्मनी के उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की। बैठक में प्रदेश में ऊर्जा सुधार, आधुनिक बिजली वितरण व्यवस्था और निवेश की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भारत और जर्मनी के दशकों पुराने मैत्रीपूर्ण संबंधों का उल्लेख करते हुए कहा कि दोनों देशों का रिश्ता विश्वास और साझेदारी पर आधारित है। उन्होंने कहा कि दोनों देश भाइयों की तरह एक-दूसरे के विकास में सहयोग कर रहे हैं और मध्यप्रदेश इस साझेदारी को और मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। राज्य सरकार जर्मनी के उद्योगपतियों और निवेशकों के साथ लगातार संवाद कर रही है, जिससे प्रदेश में निवेश और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।
बैठक में जर्मनी के KfW (Kreditanstalt für Wiederaufbau) डेवलपमेंट बैंक की मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) क्रिस्टियाने लाईबेक, कंट्री डायरेक्टर वूल्फन मूथ, जर्मन दूतावास के प्रतिनिधि गॉटफ्रीड वॉन सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। मध्यप्रदेश औद्योगिक विकास निगम के प्रबंध संचालक चंद्रमौली शुक्ला और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी बैठक में शामिल हुए।
KfW जर्मनी सरकार का स्वामित्व वाला एक प्रमुख विकास बैंक (Development Bank) है, जिसकी स्थापना वर्ष 1948 में द्वितीय विश्व युद्ध के बाद जर्मनी के पुनर्निर्माण के लिए की गई थी। आज यह दुनिया के अग्रणी विकास वित्तीय संस्थानों में शामिल है और विभिन्न देशों में स्वच्छ ऊर्जा, जलवायु संरक्षण, आधारभूत संरचना, जल प्रबंधन, शिक्षा तथा सतत विकास से जुड़ी परियोजनाओं को वित्तीय सहायता और तकनीकी सहयोग प्रदान करता है। भारत में भी KfW कई राज्यों में ऊर्जा और पर्यावरण से संबंधित परियोजनाओं में सहयोग कर रहा है।
बैठक के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को बताया कि मध्यप्रदेश में एनर्जी रिफॉर्म प्रोग्राम के तहत बिजली वितरण कंपनियों में स्मार्ट मीटर स्थापना और फीडर विभक्तिकरण जैसी परियोजनाओं के लिए लगभग 1,120 करोड़ रुपये का वित्तीय सहयोग दिया जा रहा है।
इसके अलावा KfW बैंक ने ऊर्जा सुधार कार्यक्रम के दूसरे चरण (Energy Reform Phase-2) के लिए भी रुचि दिखाई है। इस चरण के अंतर्गत प्रदेश की बिजली वितरण अधोसंरचना को और मजबूत बनाने तथा कृषि फीडरों को सौर ऊर्जा आधारित आपूर्ति से जोड़ने के लिए करीब 200 मिलियन यूरो के वित्तीय सहयोग पर सकारात्मक चर्चा हुई।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने KfW द्वारा प्रदेश के ऊर्जा क्षेत्र में दिए जा रहे सहयोग की सराहना करते हुए कहा कि इस साझेदारी से मध्यप्रदेश ऊर्जा दक्ष, हरित और आत्मनिर्भर राज्य बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ेगा। उन्होंने विश्वास जताया कि भारत और जर्मनी के बीच बढ़ता सहयोग प्रदेश के औद्योगिक विकास, स्वच्छ ऊर्जा और आधुनिक अधोसंरचना को नई गति देगा।
