शिप्रा आरती को लेकर बढ़ा विवाद, पंडा समिति ने महाकाल मंदिर प्रबंध समिति पर उठाए सवाल
पारंपरिक आरती व्यवस्था में बदलाव का विरोध, 9 सितंबर को तीर्थ पुरोहित समाज करेगा बैठक

उज्जैन। रामघाट पर मां शिप्रा की वर्षों पुरानी संध्याकालीन आरती को लेकर विवाद बढ़ता नजर आ रहा है। गुरुवार को कंट्रोल रूम के समीप एक निजी कैफे में श्री क्षेत्र पंडा समिति एवं तीर्थ पुरोहित-पंडा समाज की प्रेस वार्ता हुई। इसमें रामघाट की मौजूदा आरती व्यवस्था में बदलाव और महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति के माध्यम से नई व्यवस्था शुरू किए जाने के प्रयास का विरोध किया गया।
समिति पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि पारंपरिक धार्मिक आयोजन को इवेंट और टेंडर व्यवस्था से संचालित करने की कोशिश की जा रही है। उनका कहना है कि रामघाट पर पंडा-पुरोहित समाज लंबे समय से निर्धारित परंपरा के अनुसार मां शिप्रा की आरती करता आ रहा है।
आरती व्यवस्था को लेकर जताई आपत्ति
श्री क्षेत्र पंडा समिति के अध्यक्ष राजेश त्रिवेदी ने कहा कि राणोजी की छतरी के समीप होने वाली शिप्रा आरती धार्मिक परंपरा का हिस्सा है। समिति ने महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति के माध्यम से इसी क्षेत्र में अलग व्यवस्था से आरती शुरू किए जाने की संभावित पहल पर आपत्ति जताई।
समिति का तर्क है कि महाकाल मंदिर प्रबंध समिति का मूल कार्यक्षेत्र मंदिर से संबंधित व्यवस्थाओं तक है। ऐसे में घाट क्षेत्र की पारंपरिक धार्मिक गतिविधियों में हस्तक्षेप को लेकर तीर्थ पुरोहित समाज ने सवाल उठाए हैं।

टेंडर प्रक्रिया पर भी सवाल
प्रेस वार्ता में स्मार्ट सिटी द्वारा आरती आयोजन को लेकर जारी टेंडर का मुद्दा भी उठाया गया। समिति पदाधिकारियों ने धार्मिक आरती को सामान्य इवेंट की तरह टेंडर के जरिए संचालित किए जाने का विरोध किया।
उनका कहना है कि शिप्रा आरती कोई नया आयोजन नहीं, बल्कि लंबे समय से चली आ रही धार्मिक परंपरा है। इसलिए इसकी व्यवस्था में बदलाव करते समय तीर्थ पुरोहित समाज की भूमिका और परंपराओं का ध्यान रखा जाना चाहिए।
9 सितंबर को जुटेंगे तीर्थ पुरोहित
समिति की ओर से 9 सितंबर को तीर्थ पुरोहित-पंडा समाज की बैठक प्रस्तावित की गई है। इसमें शिप्रा आरती की व्यवस्था को लेकर आगे की रणनीति पर चर्चा की जाएगी।
प्रेस वार्ता के दौरान महाकाल मंदिर प्रबंध समिति की कार्यप्रणाली को लेकर भी समिति पदाधिकारियों ने कई सवाल उठाए। हालांकि, इन आरोपों पर संबंधित पक्ष का पक्ष इस खबर में उपलब्ध नहीं है।



