अमरनाथ यात्रा के दूसरे दिन ही तेजी से पिघलने लगा बाबा बर्फानी का हिमलिंग, श्रद्धालुओं में बढ़ी चिंता
57 दिवसीय यात्रा के बीच हिमलिंग का आकार लगातार घटने की खबर, 3.50 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने कराया पंजीयन

अमरनाथ यात्रा के बीच श्रद्धालुओं के लिए एक महत्वपूर्ण खबर सामने आई है। पवित्र अमरनाथ गुफा में प्राकृतिक रूप से बनने वाला बाबा बर्फानी का हिमलिंग यात्रा शुरू होने के शुरुआती दिनों में ही तेजी से छोटा होता दिखाई दे रहा है। यात्रा के दूसरे दिन हिमलिंग के आकार में स्पष्ट कमी देखी गई, जिससे श्रद्धालुओं और प्रशासन की चिंता बढ़ गई है।
जानकारी के अनुसार, यात्रा शुरू होने के समय हिमलिंग का आकार अपेक्षाकृत बड़ा था, लेकिन बढ़ते तापमान, मौसम में बदलाव और प्राकृतिक परिस्थितियों के कारण इसमें लगातार कमी दर्ज की जा रही है। यदि यही स्थिति बनी रही, तो 57 दिनों तक चलने वाली यात्रा समाप्त होने से पहले ही हिमलिंग पूरी तरह पिघल सकता है। हालांकि इस संबंध में अभी तक श्री अमरनाथजी श्राइन बोर्ड की ओर से कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।
समुद्र तल से लगभग 3,880 मीटर की ऊंचाई पर स्थित पवित्र अमरनाथ गुफा में हर वर्ष लाखों श्रद्धालु बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए पहुंचते हैं। इस वर्ष भी यात्रा के शुरुआती दिनों से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिल रही है।
इसी बीच सुरक्षा व्यवस्था के कड़े इंतजामों के साथ शनिवार सुबह जम्मू के भगवती नगर यात्री निवास से श्रद्धालुओं का तीसरा जत्था रवाना किया गया। आधिकारिक जानकारी के अनुसार, 259 वाहनों के काफिले में 4,812 श्रद्धालु बालटाल और पहलगाम बेस कैंप के लिए रवाना हुए। इनमें 2,041 श्रद्धालु बालटाल मार्ग और 2,771 श्रद्धालु पहलगाम मार्ग से पवित्र गुफा की ओर प्रस्थान कर रहे हैं।
इस वर्ष अमरनाथ यात्रा 3 जुलाई से शुरू होकर 28 अगस्त (रक्षाबंधन) तक चलेगी। अब तक 3.50 लाख से अधिक श्रद्धालु यात्रा के लिए पंजीयन करा चुके हैं, जिससे इस बार भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है।



