महाकाल की सवारी से पहले श्यामू हथिनी की सेहत पर मंदिर समिति सतर्क, मालिक से मांगी स्वास्थ्य रिपोर्ट
श्रावण-भाद्रपद की सवारी को देखते हुए महाकाल मंदिर समिति ने श्रवण गिरि को पत्र भेजा, वन विभाग की रिपोर्ट के बाद बढ़ी चिंता

उज्जैन। भगवान महाकाल की श्रावण-भाद्रपद मास की पारंपरिक सवारी से पहले मादा हथिनी श्यामू की सेहत को लेकर महाकाल मंदिर प्रबंध समिति ने गंभीरता दिखाई है। समिति ने हथिनी के मालिक श्रवण गिरि को पत्र भेजकर उसके वर्तमान स्वास्थ्य की विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है।
दरअसल, कुछ दिन पहले वन विभाग द्वारा श्यामू का स्वास्थ्य परीक्षण कराया गया था। प्रारंभिक जानकारी में उसकी स्वास्थ्य स्थिति को लेकर सवाल उठे थे। इसके बाद मंदिर समिति ने आधिकारिक रूप से स्वास्थ्य संबंधी जानकारी मांगने का निर्णय लिया, ताकि आगामी सवारियों की तैयारियों में किसी प्रकार की बाधा न आए।
महाकाल मंदिर की परंपरा के अनुसार श्रावण-भाद्रपद मास की दूसरी सवारी से भगवान महाकाल मनमहेश स्वरूप में हाथी पर विराजमान होकर नगर भ्रमण करते हैं। इस वर्ष श्रावण मास की पहली सवारी 3 अगस्त को निकलेगी, जबकि दूसरी सवारी से श्यामू के शामिल होने की संभावना है।
वन विभाग और पशु चिकित्सकों ने हाल ही में हथिनी के स्वास्थ्य की जांच की थी। वहीं, मालिक श्रवण गिरि का कहना है कि श्यामू पूरी तरह स्वस्थ है और वह सवारी में शामिल होने के लिए सक्षम है। हालांकि मंदिर समिति किसी भी स्थिति के लिए पहले से तैयारी करना चाहती है। इसी उद्देश्य से स्वास्थ्य संबंधी आधिकारिक जानकारी मांगी गई है।
समिति का मानना है कि यदि किसी कारणवश श्यामू सवारी में शामिल होने की स्थिति में नहीं होती है, तो समय रहते वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित की जा सकेगी। श्रद्धालुओं की आस्था और वर्षों पुरानी परंपरा को देखते हुए मंदिर प्रशासन इस विषय पर पूरी सतर्कता के साथ कार्य कर रहा है।



