नमामि गंगे परियोजना में तेजी लाने के निर्देश, निगम आयुक्त ने एसटीपी और पंपिंग स्टेशन कार्यों का किया निरीक्षण
82 करोड़ की लागत से बन रहे 22 एमएलडी सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट सहित विभिन्न परियोजनाओं की समीक्षा, गुणवत्ता और समय-सीमा का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश

उज्जैन, 19 जुलाई। सिंहस्थ-2028 और क्षिप्रा नदी संरक्षण को ध्यान में रखते हुए नमामि गंगे परियोजना के अंतर्गत चल रहे निर्माण कार्यों की प्रगति का नगर निगम आयुक्त अभिलाष मिश्रा ने मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने निर्माणाधीन सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP), वेस्ट वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट (ETP) और सीवेज पंपिंग स्टेशन के कार्यों की समीक्षा करते हुए संबंधित एजेंसियों को गुणवत्ता के साथ निर्धारित समय-सीमा में सभी कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए।
राज्य शासन द्वारा मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में क्षिप्रा नदी को प्रदूषणमुक्त बनाने और सिंहस्थ महापर्व के दौरान स्वच्छ जल प्रवाह सुनिश्चित करने के उद्देश्य से नमामि गंगे परियोजना पर तेजी से काम किया जा रहा है। इसी क्रम में आयुर्वेदिक धनवंतरी कॉलेज के पीछे लगभग 82 करोड़ रुपये की लागत से 22 एमएलडी क्षमता का आधुनिक सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट तैयार किया जा रहा है।

निरीक्षण के दौरान निगम आयुक्त ने परियोजना की ड्राइंग एवं तकनीकी डिजाइन की समीक्षा की। उन्होंने स्वीकृति के बाद खुदाई सहित अन्य निर्माण कार्यों में तेजी लाने और सभी चरणों को तय समय-सीमा के भीतर पूरा करने के निर्देश दिए। परियोजना में सीवेज पंपिंग स्टेशन के साथ लगभग 920 मीटर लंबी 600 मिमी व्यास की डीआई राइजिंग मेन पाइपलाइन तथा करीब 2 किलोमीटर लंबी सीवेज ट्रांसमिशन पाइपलाइन भी बिछाई जा रही है।
परियोजना के दूसरे चरण में मंगलनाथ मंदिर के सामने 22 एमएलडी क्षमता का पंपिंग स्टेशन तथा भैरवगढ़ नाले पर 2.38 एमएलडी क्षमता का वेस्ट वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित किया जाएगा। इसके साथ 200 मिमी व्यास की पाइपलाइन का निर्माण भी प्रस्तावित है, जिससे पीलिया खाल और भैरवगढ़ नाले का दूषित जल शोधन के बाद ही क्षिप्रा नदी में प्रवाहित किया जाएगा।
निरीक्षण के दौरान निगम आयुक्त ने स्पष्ट किया कि परियोजना की गुणवत्ता से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा। सभी निर्माण कार्य तय समय-सीमा में पूरे हों, ताकि भविष्य में क्षिप्रा नदी संरक्षण और सिंहस्थ की तैयारियों को मजबूती मिल सके।
निरीक्षण के दौरान अधीक्षण यंत्री प्रमोद मालवीय, कार्यपालन यंत्री साहिल मैदावाला तथा संबंधित निर्माण एजेंसी के प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे।



