मध्यप्रदेश के 7,400 से अधिक मेधावी विद्यार्थियों को मिली स्कूटी, सीएम बोले- संसाधनों की कमी से नहीं रुकनी चाहिए पढ़ाई

भोपाल में मुख्यमंत्री स्कूटी योजना का राज्य स्तरीय कार्यक्रम; मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विद्यार्थियों से संवाद कर उनके करियर लक्ष्यों की जानकारी ली

भोपाल। मध्यप्रदेश में शासकीय विद्यालयों के मेधावी विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करने के लिए मुख्यमंत्री स्कूटी योजना के तहत शनिवार को राज्य स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश के 7,400 से अधिक विद्यार्थियों को स्कूटी वितरित की। सरकार के अनुसार, योजना का उद्देश्य विद्यार्थियों को आगे की पढ़ाई और बेहतर अवसरों के लिए आवागमन की सुविधा उपलब्ध कराना है।

भोपाल के सुभाष स्कूल में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आर्थिक परिस्थितियों या संसाधनों की कमी के कारण किसी प्रतिभाशाली विद्यार्थी की पढ़ाई प्रभावित नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की मेहनत और उपलब्धियों को प्रोत्साहित करना परिवार, समाज और सरकार की जिम्मेदारी है।

मेधावी विद्यार्थियों को प्रोत्साहन देने पर जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्कूटी विद्यार्थियों के लिए केवल आने-जाने का साधन नहीं है, बल्कि उनकी मेहनत और उपलब्धि से जुड़ा प्रोत्साहन भी है। उन्होंने विद्यार्थियों से पढ़ाई के साथ अनुशासन, आत्मविश्वास और निरंतर मेहनत को प्राथमिकता देने की बात कही।

कार्यक्रम में बताया गया कि मुख्यमंत्री स्कूटी योजना के तहत शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों में कक्षा 12वीं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले पात्र विद्यार्थियों को योजना का लाभ दिया जाता है।

बेटियों के लिए शिक्षा और आगे बढ़ने के अवसरों पर जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि छात्राओं को शिक्षा के साथ आगे बढ़ने के अवसर मिलने से परिवार और समाज दोनों को लाभ होता है। उन्होंने कहा कि मेधावी छात्राओं को स्कूटी मिलने से उच्च शिक्षा के लिए आवागमन आसान हो सकता है और उनके आत्मविश्वास को भी बढ़ावा मिलेगा।

शिक्षा बजट में बढ़ोतरी का उल्लेख

मुख्यमंत्री ने प्रदेश में शिक्षा के लिए किए जा रहे बजट प्रावधान का भी उल्लेख किया। उनके अनुसार, वर्ष 2025-26 के बजट में स्कूल शिक्षा के लिए करीब 38 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों के लिए बेहतर शैक्षणिक वातावरण और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने पर सरकार काम कर रही है।

राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं में विद्यार्थियों को किताबें, गणवेश और साइकिल जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने का भी उल्लेख कार्यक्रम में किया गया।

सरकारी स्कूलों में आधुनिक सुविधाओं का दावा

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में सुविधायुक्त सांदीपनि विद्यालय विकसित किए जा रहे हैं। इन स्कूलों में आधुनिक संसाधनों के साथ गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर जोर दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूलों के विद्यार्थी अब उच्च शिक्षा और अलग-अलग पेशों में करियर बनाने के लक्ष्य के साथ आगे बढ़ रहे हैं।

विद्यार्थियों ने बताए अपने करियर लक्ष्य

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कुछ मेधावी विद्यार्थियों से संवाद भी किया। विद्यार्थियों ने सीए, डॉक्टर, वकील, सॉफ्टवेयर इंजीनियर और कृषि क्षेत्र में स्टार्टअप जैसे करियर विकल्पों को लेकर अपनी योजनाएं साझा कीं।

मेरिट में स्थान पाने वाली खुशी राय ने बताया कि स्कूटी मिलने से कॉलेज आने-जाने में सुविधा होगी। उन्होंने सीए बनने की तैयारी करने की बात कही। किसान परिवार से आने वाले आकाश साहू ने कृषि क्षेत्र में स्टार्टअप शुरू करने की इच्छा जताई।

वहीं, अन्य विद्यार्थियों ने भी चिकित्सा, कानून, चार्टर्ड अकाउंटेंसी और सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग जैसे क्षेत्रों में आगे बढ़ने के अपने लक्ष्य बताए।

युवाओं को विकसित मध्यप्रदेश से जोड़ने की बात

मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं की प्रतिभा और क्षमता का उपयोग प्रदेश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। उन्होंने विद्यार्थियों से बड़े लक्ष्य निर्धारित करने और उन्हें हासिल करने के लिए निरंतर मेहनत करने का आह्वान किया।

कार्यक्रम में स्कूल शिक्षा एवं परिवहन मंत्री उदय प्रताप सिंह, जनजातीय कार्य मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह सहित जनप्रतिनिधि, स्कूल शिक्षा विभाग के अधिकारी और बड़ी संख्या में विद्यार्थी मौजूद रहे।

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