महाकाल मंदिर में श्रावण का पारंपरिक रुद्राभिषेक शुरू, पूरे माह गूंजेंगे वैदिक मंत्र
जनकल्याण, राष्ट्र की समृद्धि और विश्वशांति की कामना से प्राचीन सभामंडप में होगा प्रतिदिन विशेष पूजन

उज्जैन, 29 जुलाई 2026। श्रावण मास के शुभारंभ के साथ महाकालेश्वर मंदिर में पारंपरिक रुद्राभिषेक अनुष्ठान शुरू हो गया। मंदिर की पुरोहित समिति द्वारा प्राचीन सभामंडप में आयोजित यह धार्मिक अनुष्ठान पूरे श्रावण मास प्रतिदिन संपन्न किया जाएगा।
वैदिक मंत्रोच्चार के बीच होने वाले पूजन में जनकल्याण, राष्ट्रकल्याण, अच्छी वर्षा, सुख-समृद्धि और विश्वशांति की कामना की जाएगी। श्रावण में भगवान शिव की आराधना का विशेष महत्व होने के कारण मंदिर में इस परंपरा का प्रतिवर्ष निर्वाह किया जाता है।
प्रथम दिन प्रशासक प्रथम कौशिक ने किया पूजन
अनुष्ठान के पहले दिन महाकालेश्वर मंदिर के प्रशासक एवं अपर कलेक्टर प्रथम कौशिक ने भगवान महाकालेश्वर का विधि-विधान से पूजन और रुद्राभिषेक किया। उन्होंने धार्मिक अनुष्ठान में सहभागिता करते हुए प्रदेश, देश और संपूर्ण विश्व के कल्याण की प्रार्थना की।
पूजन के दौरान पुरोहितों ने वैदिक विधि से भगवान महाकाल का अभिषेक कराया। मंत्रोच्चार और धार्मिक अनुष्ठानों से प्राचीन सभामंडप का वातावरण शिवमय हो गया।
पूरे श्रावण मास प्रतिदिन होगा रुद्राभिषेक
महाकालेश्वर मंदिर पुरोहित समिति के अनुसार, श्रावण मास के दौरान प्रतिदिन भगवान महाकालेश्वर का रुद्राभिषेक और विशेष पूजन किया जाएगा। इस दौरान वैदिक ऋचाओं और शिव मंत्रों के साथ धार्मिक विधियां संपन्न होंगी।
श्रावण में देशभर से बड़ी संख्या में श्रद्धालु भगवान महाकाल के दर्शन के लिए उज्जैन पहुंचते हैं। मंदिर में आयोजित होने वाले इस पारंपरिक अनुष्ठान के माध्यम से श्रद्धालुओं को धार्मिक वातावरण में दर्शन और धर्मलाभ प्राप्त करने का अवसर मिलेगा।
जनकल्याण और विश्वशांति की होगी प्रार्थना
रुद्राभिषेक के दौरान समाज में सुख-शांति, नागरिकों की समृद्धि, राष्ट्र की उन्नति और प्रकृति के संतुलन की कामना की जाएगी। इसके साथ ही पर्याप्त वर्षा और विश्व में शांति स्थापित होने के लिए भी विशेष प्रार्थना होगी।
मंदिर की पुरोहित समिति वर्षों से श्रावण मास में इस परंपरा का निर्वाह करती आ रही है। पूरे महीने प्राचीन सभामंडप में वैदिक मंत्रों के साथ भगवान शिव की आराधना का क्रम जारी रहेगा।



