महाकाल की राजसी सवारी से पहले रामघाट की सफाई और सवारी मार्ग के चौड़ीकरण पर नगर निगम का फोकस, महापौर ने किया निरीक्षण
रामघाट पर स्वच्छता व्यवस्था का लिया जायजा, कंठाल से छत्रीचौक तक सड़क निर्माण कार्य समय पर पूरा करने के दिए निर्देश

उज्जैन। आगामी बाबा महाकाल की राजसी सवारी और सिंहस्थ-2028 की तैयारियों को ध्यान में रखते हुए नगर निगम ने शहर की व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देना तेज कर दिया है। शुक्रवार को महापौर मुकेश टटवाल ने एक ओर रामघाट पहुंचकर सफाई व्यवस्था का निरीक्षण किया, वहीं दूसरी ओर कंठाल चौराहा से छत्रीचौक तक चल रहे सड़क चौड़ीकरण कार्य की प्रगति का भी जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी कार्य निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्ता के साथ पूरे किए जाएं, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
रामघाट की स्वच्छता पर विशेष जोर
महापौर ने रामघाट पर तैनात सफाई कर्मचारियों से चर्चा कर दैनिक सफाई व्यवस्था की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि रामघाट उज्जैन की धार्मिक पहचान का प्रमुख केंद्र है, जहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन और स्नान के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में घाट, सीढ़ियों और आसपास के क्षेत्रों की नियमित सफाई सुनिश्चित करना नगर निगम की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।
उन्होंने सफाई कर्मियों को निर्देश दिए कि पूजा सामग्री, फूल एवं अन्य धार्मिक अवशेषों का वैज्ञानिक और व्यवस्थित तरीके से निस्तारण किया जाए, जिससे क्षिप्रा नदी की स्वच्छता और पवित्रता बनी रहे।

‘क्षिप्रा कवच’ अभियान से जागरूक किए जा रहे श्रद्धालु
निरीक्षण के दौरान महापौर ने क्षिप्रा कवच अभियान की गतिविधियों की भी जानकारी ली। अभियान के तहत श्रद्धालुओं से अपील की जा रही है कि वे पूजा सामग्री या निर्माल्य सीधे नदी में प्रवाहित न करें, बल्कि निर्धारित निर्माल्य कुंड में ही डालें।
महापौर ने कहा कि मां क्षिप्रा को स्वच्छ बनाए रखना केवल नगर निगम की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक और श्रद्धालु का भी नैतिक दायित्व है। धार्मिक आस्था के साथ स्वच्छता का संकल्प भी उतना ही महत्वपूर्ण है।
राजसी सवारी मार्ग को बनाया जा रहा अधिक सुविधाजनक
इसके बाद महापौर ने कंठाल चौराहा, सतीगेट और छत्रीचौक क्षेत्र में चल रहे सड़क चौड़ीकरण कार्य का निरीक्षण किया। यह कार्य मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मार्गदर्शन में सिंहस्थ-2028 की तैयारियों के तहत कराया जा रहा है।
महापौर ने अधिकारियों से निर्माण कार्य की प्रगति और गुणवत्ता की जानकारी लेते हुए निर्देश दिए कि बाबा महाकाल की राजसी सवारी से पहले पूरा मार्ग सुरक्षित, व्यवस्थित और आवागमन के लिए पूरी तरह तैयार होना चाहिए।

सड़क निर्माण के साथ नालियों का भी हो रहा विकास
नगर निगम द्वारा सड़क चौड़ीकरण के साथ-साथ नालियों का निर्माण तथा डीएलसी (Dry Lean Concrete) और पीक्यूसी (Pavement Quality Concrete) के तकनीकी कार्य भी किए जा रहे हैं। महापौर ने कहा कि सभी निर्माण कार्य निर्धारित इंजीनियरिंग मानकों के अनुरूप ही पूरे किए जाएं, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की समस्या उत्पन्न न हो।
उन्होंने कहा कि महाकाल की राजसी सवारी केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि उज्जैन की सांस्कृतिक पहचान है। इसलिए सवारी मार्ग को श्रद्धालुओं की सुविधा और सिंहस्थ की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए आधुनिक स्वरूप दिया जा रहा है।
निरीक्षण के दौरान एमआईसी सदस्य प्रकाश शर्मा, रजत मेहता, कैलाश प्रजापत सहित नगर निगम के अधिकारी उपस्थित रहे।




