सावन-भादौ में उज्जैन स्टेशन पर उमड़ेगी रिकॉर्ड भीड़, पहली बार वन-वे यात्री व्यवस्था की तैयारी
रोज करीब 95 हजार यात्रियों के पहुंचने का अनुमान; प्लेटफॉर्म-1 से प्रवेश और प्लेटफॉर्म-8 की ओर से निकास प्रस्तावित

उज्जैन। श्रावण और भादौ मास में बाबा महाकाल के दर्शन के लिए उज्जैन आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या इस बार नया रिकॉर्ड बना सकती है। अगस्त और सितंबर की ट्रेनों में हुई अग्रिम बुकिंग को देखते हुए रेलवे ने उज्जैन स्टेशन पर भीड़ नियंत्रण की विशेष योजना तैयार करना शुरू कर दिया है। प्रस्तावित व्यवस्था के तहत पहली बार स्टेशन पर यात्रियों के लिए वन-वे प्रवेश और निकास प्रणाली लागू की जा सकती है।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, 30 जुलाई से 7 सितंबर के बीच यात्रियों का दबाव सामान्य दिनों की तुलना में काफी अधिक रहने की संभावना है। सामान्यतः उज्जैन स्टेशन पर प्रतिदिन करीब 72 हजार यात्रियों की आवाजाही होती है, जबकि श्रावण-भादौ अवधि के लिए अभी से रोज लगभग 95 हजार यात्रियों की बुकिंग दर्ज होने की जानकारी सामने आई है।
प्लेटफॉर्म-1 से प्रवेश, प्लेटफॉर्म-8 की ओर से निकास
भीड़ को एक ही स्थान पर जमा होने से रोकने के लिए यात्रियों की आवाजाही को अलग-अलग दिशाओं में संचालित करने की योजना बनाई गई है। प्रस्ताव के अनुसार यात्रियों को प्लेटफॉर्म क्रमांक-1 की ओर से स्टेशन में प्रवेश दिया जाएगा, जबकि प्लेटफॉर्म क्रमांक-8 की ओर से बाहर निकाला जाएगा।
माल गोदाम की दिशा से यात्रियों की एंट्री बंद रखने का भी प्रस्ताव है। इससे स्टेशन परिसर में आमने-सामने आने वाली भीड़ को कम कर आवागमन व्यवस्थित किया जा सकेगा। आरपीएफ की ओर से यह प्रस्ताव संबंधित रेल मंडल को भेजा गया है।
भोपाल रूट पर छह अतिरिक्त ट्रेनों की तैयारी
महाकाल लोक के निर्माण के बाद उज्जैन आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में लगातार बढ़ोतरी देखी गई है। श्रावण मास में सबसे अधिक यात्री दबाव भोपाल की ओर से आने वाले रेल मार्ग पर रहता है। इसी को देखते हुए इस रूट पर छह अतिरिक्त ट्रेनों के संचालन की तैयारी की जा रही है।
रेलवे का उद्देश्य नियमित ट्रेनों में बढ़ने वाले दबाव को कम करना और श्रद्धालुओं को उज्जैन पहुंचने के लिए अतिरिक्त विकल्प उपलब्ध कराना है। अतिरिक्त ट्रेनों का विस्तृत कार्यक्रम रेलवे की ओर से जारी होने वाली आधिकारिक समय-सारणी में स्पष्ट होगा।
1200 यात्रियों के लिए बनेगा वाटरप्रूफ होल्डअप क्षेत्र
स्टेशन परिसर के बाहर पहली बार लगभग 1200 यात्रियों की क्षमता वाला वाटरप्रूफ होल्डअप एरिया तैयार किया जाएगा। यहां यात्रियों को अस्थायी रूप से रोककर समूहों में स्टेशन के भीतर प्रवेश कराया जा सकेगा।
होल्डअप क्षेत्र में बैठने, पेयजल, प्रकाश और आवश्यक सूचना व्यवस्था उपलब्ध कराने की तैयारी है। बारिश के दौरान भी यात्रियों को परेशानी न हो, इसलिए इसे वाटरप्रूफ बनाया जाएगा।
ड्रोन से होगी स्टेशन और आसपास की निगरानी
यात्रियों की भीड़ पर नजर रखने के लिए सीसीटीवी कैमरों के साथ ड्रोन निगरानी का भी उपयोग किया जाएगा। ड्रोन के माध्यम से स्टेशन परिसर, प्रवेश मार्ग और आसपास के भीड़ वाले क्षेत्रों की वास्तविक समय में निगरानी की जा सकेगी।
सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए 50 अतिरिक्त जवानों की मांग भी की गई है। आरपीएफ और अन्य सुरक्षा एजेंसियां भीड़ नियंत्रण, संदिग्ध गतिविधियों की पहचान और आपात स्थिति से निपटने के लिए संयुक्त रूप से कार्य करेंगी।
सिंहस्थ-2028 से पहले क्राउड मैनेजमेंट का ट्रायल
रेलवे और प्रशासन सावन-भादौ के दौरान लागू होने वाली व्यवस्था को सिंहस्थ-2028 की तैयारियों से भी जोड़कर देख रहे हैं। वन-वे यात्री व्यवस्था, होल्डअप एरिया, ड्रोन निगरानी और अतिरिक्त ट्रेनों के संचालन से मिलने वाले अनुभव का उपयोग सिंहस्थ के दौरान भीड़ प्रबंधन में किया जा सकता है।
श्रद्धालुओं की संभावित संख्या को देखते हुए स्टेशन के प्रवेश और निकास मार्गों, सुरक्षा बल की तैनाती तथा यात्री सुविधाओं की नियमित समीक्षा की जाएगी। भीड़ बढ़ने पर व्यवस्था में आवश्यकता के अनुसार बदलाव भी किए जा सकते हैं।



