काल भैरव मंदिर को 10 लाख रुपये के बैरिकेड्स दान, सावन में संभलेगी श्रद्धालुओं की भीड़
मुंबई के दानदाताओं ने मंदिर समिति को सौंपी पहली खेप; 100 बैरिकेड्स पहुंचे, अगले 15 दिनों में आएंगे 200 और

उज्जैन, निप्र। सावन मास में काल भैरव मंदिर पहुंचने वाले श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए दर्शन और कतार व्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है। इसी दिशा में मुंबई के दो श्रद्धालुओं ने मंदिर समिति को करीब 10 लाख रुपये की लागत से तैयार बैरिकेड्स दान किए हैं।
दान में मिले बैरिकेड्स की पहली खेप रविवार को उज्जैन पहुंची। रात्रि में विधि-विधान से पूजन करने के बाद इन्हें मंदिर समिति को सौंप दिया गया। इनका उपयोग मंदिर परिसर और दर्शन मार्ग पर श्रद्धालुओं की कतार व्यवस्थित करने तथा भीड़ का दबाव नियंत्रित करने में किया जाएगा।
नकद राशि के बजाय तैयार करवाए बैरिकेड्स
मुंबई निवासी मनीष पांचाल और समीर पांचाल ने मंदिर में नकद राशि देने के स्थान पर आवश्यकतानुसार बैरिकेड्स तैयार करवाने का निर्णय लिया। करीब 10 लाख रुपये की लागत से बनवाए गए इन बैरिकेड्स को सीधे मंदिर की व्यवस्थाओं के लिए उपलब्ध कराया गया है।
मंदिर प्रशासन के अनुसार सावन के दौरान काल भैरव मंदिर में सामान्य दिनों की तुलना में श्रद्धालुओं की संख्या कई गुना बढ़ जाती है। ऐसे में प्रवेश, दर्शन और निकास मार्ग पर बैरिकेडिंग से श्रद्धालुओं की आवाजाही को चरणबद्ध तरीके से संचालित किया जा सकेगा।
पहली खेप में पहुंचे 100 बैरिकेड्स
फिलहाल 100 बैरिकेड्स मंदिर पहुंच चुके हैं। शेष 200 बैरिकेड्स की खेप आगामी 15 दिनों में उज्जैन पहुंचने की संभावना है। सभी बैरिकेड्स मिलने के बाद मंदिर के प्रमुख प्रवेश मार्गों, कतार क्षेत्र और भीड़ वाले स्थानों पर आवश्यकता के अनुसार इन्हें लगाया जाएगा।
इस व्यवस्था से श्रद्धालुओं को कतार में आगे बढ़ने में सुविधा मिलेगी। इसके साथ ही अचानक भीड़ बढ़ने की स्थिति में अलग-अलग मार्ग बनाकर दबाव कम किया जा सकेगा।
सावन की भीड़ के लिए पहले से तैयारी
काल भैरव मंदिर उज्जैन के प्रमुख धार्मिक स्थलों में शामिल है। सावन के सोमवार, सप्ताहांत और विशेष पर्वों पर यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। मंदिर प्रशासन द्वारा सुरक्षा, पेयजल, सफाई, कतार प्रबंधन और पार्किंग से जुड़ी व्यवस्थाओं को भी चरणबद्ध रूप से तैयार किया जा रहा है।
बैरिकेड्स सौंपने के दौरान एसडीएम एलएन गर्ग, पटवारी महेश देपन, मंदिर प्रबंधक संध्या मारकंडे और व्यवस्थापक अनिल बोरासी मौजूद रहे।
एसडीएम एलएन गर्ग ने बताया कि बैरिकेड्स मिलने से सावन के दौरान दर्शन व्यवस्था को अधिक सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने में मदद मिलेगी। शेष बैरिकेड्स पहुंचने के बाद पूरे मंदिर क्षेत्र में जरूरत के अनुसार उनका उपयोग किया जाएगा।



