उज्जैन का सबसे बड़ा गीता भवन ऑडिटोरियम तैयार, 1,250 दर्शकों के बैठने की क्षमता
देवास रोड पर आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित परिसर का निर्माण अंतिम चरण में; बुधवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव कर सकते हैं लोकार्पण

उज्जैन, निप्र। शहर को जल्द ही धार्मिक, सांस्कृतिक, शैक्षणिक और सामाजिक आयोजनों के लिए एक बड़ा आधुनिक केंद्र मिलने जा रहा है। देवास रोड पर निर्मित गीता भवन का काम लगभग पूरा हो चुका है। करीब 1,250 लोगों की बैठक क्षमता वाला यह उज्जैन का सबसे बड़ा अत्याधुनिक वातानुकूलित ऑडिटोरियम बताया जा रहा है।
प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव बुधवार को गीता भवन का लोकार्पण कर सकते हैं। इसे देखते हुए भवन के भीतर और बाहरी परिसर में बचे हुए निर्माण एवं फिनिशिंग कार्यों को तेजी से पूरा कराया जा रहा है।मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 18 मार्च को इस परियोजना का भूमिपूजन किया था। अब प्रस्तावित लोकार्पण से पहले प्रशासन और निर्माण एजेंसी सभी तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटे हैं।

कलेक्टर ने निरीक्षण कर देखी निर्माण की प्रगति
कलेक्टर रौशन कुमार सिंह ने शनिवार को गीता भवन पहुंचकर ऑडिटोरियम, प्रवेश द्वार, मंच और अन्य हिस्सों का निरीक्षण किया। उन्होंने इंजीनियरों और निर्माण एजेंसी से प्रगति की जानकारी लेते हुए शेष कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने कहा कि लोकार्पण से पहले भवन की बैठक व्यवस्था, सफाई, विद्युत प्रणाली और अन्य आवश्यक सुविधाएं पूरी तरह व्यवस्थित होनी चाहिए। निर्माण सामग्री और फिनिशिंग की गुणवत्ता पर भी विशेष निगरानी रखने को कहा गया है।

अंतिम चरण में निर्माण, दिन-रात काम कर रहे कारीगर
गीता भवन का निर्माण अब अंतिम चरण में पहुंच गया है। प्रवेश द्वार पर पत्थर लगाने, मंच को अंतिम स्वरूप देने, ऑडिटोरियम में कुर्सियां लगाने और आंतरिक सज्जा सहित कई काम एक साथ किए जा रहे हैं।
समय पर काम पूरा करने के लिए 100 से अधिक कारीगरों और तकनीकी कर्मचारियों की टीमें दिन-रात कार्य कर रही हैं। भवन के आसपास की सफाई, पहुंच मार्ग और परिसर की अन्य व्यवस्थाओं को भी अंतिम रूप दिया जा रहा है।
5.1 हेक्टेयर में विकसित हुआ परिसर
करीब 5.1 हेक्टेयर क्षेत्र में तैयार किए गए गीता भवन में ढाई मंजिला आधुनिक संरचना विकसित की गई है। मुख्य ऑडिटोरियम में लगभग 1,250 लोगों के बैठने की व्यवस्था रहेगी। पूरे सभागार को वातानुकूलित बनाया गया है।
इसके अतिरिक्त भवन में ग्रीन रूम, मल्टीपर्पज हॉल, प्रशासनिक कक्ष, लिफ्ट और चार अतिरिक्त कक्ष बनाए गए हैं। आगंतुकों की सुविधा तथा बड़े आयोजनों के संचालन को ध्यान में रखकर अलग-अलग आवश्यक व्यवस्थाएं विकसित की गई हैं।
पुस्तकालय भी होगा आकर्षण का केंद्र
गीता भवन परिसर में एक पुस्तकालय भी विकसित किया जाएगा। यहां धार्मिक ग्रंथों, भारतीय संस्कृति, साहित्य और शैक्षणिक विषयों से जुड़ी पुस्तकों को स्थान दिए जाने की योजना है।
इसके शुरू होने से विद्यार्थियों, शोधार्थियों और धार्मिक साहित्य में रुचि रखने वाले नागरिकों को अध्ययन के लिए नया केंद्र मिल सकेगा।
बड़े आयोजनों के लिए मिलेगा नया मंच
अब तक उज्जैन में बड़ी क्षमता वाले आधुनिक सभागार की आवश्यकता लंबे समय से महसूस की जा रही थी। गीता भवन शुरू होने के बाद धार्मिक सम्मेलन, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, शैक्षणिक कार्यक्रम, व्याख्यान और सामाजिक आयोजन एक ही परिसर में किए जा सकेंगे।
आधुनिक मंच, प्रकाश व्यवस्था, वातानुकूलित सभागार और सहायक कक्षों के कारण यह भवन शहर के महत्वपूर्ण आयोजन स्थलों में शामिल हो सकता है।



