उज्जैन में राज्य वित्त आयोग की अहम बैठक, नगरीय निकायों और पंचायतों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने पर हुआ मंथन

छठवें राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष जयभान सिंह पवैया ने जनप्रतिनिधियों से लिए सुझाव, स्थानीय निकायों की आय बढ़ाने और आत्मनिर्भर बनाने पर बनी सहमति।

उज्जैन में बुधवार को छठवें राज्य वित्त आयोग की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें नगरीय निकायों और पंचायती राज संस्थाओं को आर्थिक रूप से अधिक सक्षम और आत्मनिर्भर बनाने के उपायों पर विस्तृत चर्चा हुई। विश्राम भवन में आयोजित इस बैठक की अध्यक्षता आयोग के अध्यक्ष जयभान सिंह पवैया ने की। बैठक में आयोग के सदस्य के.के. सिंह और सदस्य सचिव वीरेंद्र कुमार भी मौजूद रहे।

बैठक का मुख्य उद्देश्य स्थानीय निकायों की वित्तीय स्थिति को मजबूत करने, राजस्व के नए स्रोत विकसित करने और पारदर्शी वित्तीय व्यवस्था के लिए जनप्रतिनिधियों से सुझाव प्राप्त करना था।

स्थानीय निकायों को वित्तीय रूप से सशक्त बनाने पर जोर

बैठक में सांसद, विधायक, महापौर, जिला पंचायत अध्यक्ष और अन्य जनप्रतिनिधियों ने स्थानीय स्वशासी संस्थाओं की वर्तमान आर्थिक स्थिति पर अपने विचार रखे। चर्चा के दौरान इस बात पर बल दिया गया कि नगर निगम, नगर पालिका और पंचायतों को अपने स्तर पर अधिक संसाधन जुटाने के लिए आवश्यक अधिकार और नीति संबंधी सहयोग मिलना चाहिए।

आयोग के अध्यक्ष जयभान सिंह पवैया ने कहा कि यदि स्थानीय निकाय आर्थिक रूप से मजबूत होंगे, तो विकास कार्यों की गति भी तेज होगी। उन्होंने बताया कि जनप्रतिनिधियों से मिले सुझाव आयोग की अंतिम अनुशंसाओं में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

उज्जैन संभाग के नवाचारों की सराहना

बैठक के दौरान जयभान सिंह पवैया ने उज्जैन संभाग की पंचायतों द्वारा किए जा रहे नवाचारों की सराहना की। उन्होंने कहा कि स्थानीय स्तर पर अपनाए गए सफल मॉडल अन्य क्षेत्रों के लिए भी प्रेरणास्रोत बन सकते हैं।

धार्मिक पर्यटन को आय का बड़ा स्रोत बनाने का सुझाव

जनप्रतिनिधियों ने सुझाव दिया कि उज्जैन जैसे धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व वाले शहर में धार्मिक पर्यटन की अपार संभावनाओं का बेहतर उपयोग किया जाए। उनका मानना है कि यदि पर्यटन आधारित आय के नए स्रोत विकसित किए जाएं, तो स्थानीय निकायों की आर्थिक स्थिति और अधिक मजबूत हो सकती है।

इसके अलावा पंचायतों की आय के स्पष्ट निर्धारण और उस राशि का ग्रामीण विकास कार्यों में प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करने पर भी विशेष जोर दिया गया।

नीतिगत सुधारों पर बनी सहमति

बैठक में यह भी माना गया कि वर्तमान नियमों में आवश्यक सुधार और लचीलापन लाकर नगरीय निकायों तथा पंचायतों को अधिक वित्तीय स्वतंत्रता दी जा सकती है। इससे वे स्थानीय आवश्यकताओं के अनुसार योजनाओं का बेहतर संचालन कर सकेंगे।

जनप्रतिनिधियों की रही मौजूदगी

बैठक में उज्जैन सांसद अनिल फिरोजिया, महापौर मुकेश टटवाल, जिला पंचायत अध्यक्ष कमला कुंवर, जिला पंचायत उपाध्यक्ष शिवानी कुंवर, उज्जैन उत्तर विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा, घट्टिया विधायक सतीश मालवीय, महिदपुर विधायक दिनेश जैन बोस, नागदा-खाचरौद विधायक तेज बहादुर सिंह चौहान, तराना विधायक महेश परमार तथा बड़नगर विधायक जितेंद्र पंड्या सहित कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। सभी ने स्थानीय निकायों को आर्थिक रूप से अधिक सक्षम और आत्मनिर्भर बनाने के लिए अपने सुझाव आयोग के समक्ष रखे।

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