कालभैरव मंदिर में ₹500 वाली VIP दर्शन व्यवस्था बंद, श्रावण में बढ़ती भीड़ के बीच लिया फैसला
श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए सामान्य दर्शन व्यवस्था पर फोकस, बैरिकेडिंग बढ़ाने के साथ मेडिकल टीम भी तैनात

उज्जैन। श्रावण मास में भगवान कालभैरव के दर्शन के लिए लगातार बढ़ रही श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए मंदिर प्रबंधन ने दर्शन व्यवस्था में बदलाव किया है। मंदिर में ₹500 शुल्क वाली VIP दर्शन व्यवस्था फिलहाल बंद कर दी गई है। अब श्रद्धालुओं को सामान्य कतार के माध्यम से निःशुल्क दर्शन कराए जा रहे हैं। हालांकि, शासन-प्रशासन की ओर से आने वाले कुछ VIP श्रद्धालुओं को निर्धारित प्रोटोकॉल के तहत दर्शन की सुविधा दी जाएगी।
मंदिर प्रबंधन समिति के अध्यक्ष एवं एसडीएम एलएन गर्ग के अनुसार, श्रावण के दौरान श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। ऐसे में सभी भक्तों को व्यवस्थित और सुगम दर्शन कराने के उद्देश्य से VIP टिकट व्यवस्था को बंद रखने का निर्णय लिया गया है। यह व्यवस्था भीड़ कम होने तक जारी रहने की संभावना है।
भीड़ बढ़ने पर बढ़ाई गई बैरिकेडिंग
श्रद्धालुओं की संख्या में इजाफे को देखते हुए मंदिर परिसर और दर्शन मार्ग पर बैरिकेडिंग को मजबूत किया गया है। रविवार को सामान्य दर्शनार्थियों के लिए कतार व्यवस्था को सुचारु रखने पर विशेष ध्यान दिया गया। वहीं, सोमवार को श्रावण के चलते बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए व्यवस्थाएं और सख्त की गई हैं।
मंदिर परिसर में अतिरिक्त बैरिकेडिंग के साथ श्रद्धालुओं की निगरानी और भीड़ प्रबंधन के लिए कर्मचारियों को तैनात किया गया है, ताकि दर्शन के दौरान किसी तरह की अव्यवस्था न हो।
मेडिकल टीम भी रहेगी तैनात
श्रावण में भीड़ को देखते हुए स्वास्थ्य व्यवस्था पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। मंदिर परिसर में मेडिकल टीम की तैनाती की गई है। प्रशासन का प्रयास है कि यदि किसी श्रद्धालु की तबीयत बिगड़ती है तो उसे तत्काल प्राथमिक चिकित्सा उपलब्ध कराई जा सके।
कालभैरव मंदिर के विकास पर भी जोर
सिंहस्थ-2028 को ध्यान में रखते हुए कालभैरव मंदिर के विकास और श्रद्धालु सुविधाओं को बढ़ाने की योजना पर भी काम किया जा रहा है। करीब ₹125.17 करोड़ की लागत से मंदिर के पुनर्विकास और सुविधा विस्तार की योजना प्रस्तावित है। इसके तहत श्रद्धालुओं के लिए बेहतर दर्शन व्यवस्था सहित विभिन्न सुविधाएं विकसित करने की तैयारी है। योजना के लिए आसपास की कुछ भूमि अधिग्रहित किए जाने की प्रक्रिया भी प्रस्तावित है।



