महाकाल की राजसी सवारी में 2000 पुलिसकर्मी संभालेंगे मोर्चा, 5 झोन में होगी सुरक्षा व्यवस्था
7 सितंबर को राजसी सवारी के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम, CCTV और सादी वर्दी में पुलिसकर्मी रखेंगे नजर

उज्जैन। भगवान महाकालेश्वर की राजसी सवारी 7 सितंबर को निकाली जाएगी। सवारी को लेकर पुलिस और प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। बढ़े हुए सवारी मार्ग को पुलिस ने 5 झोन में विभाजित किया है। पूरे मार्ग पर करीब 2000 पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाएगी। भीड़ नियंत्रण के साथ पुलिस की नजर जेबकतरे और चेन स्नेचिंग करने वाले संदिग्धों पर भी रहेगी।
बढ़े मार्ग पर सुरक्षा का विशेष प्लान
राजसी सवारी टंकी चौराहे से मिर्जा नईमबेग मार्ग, तेलीवाड़ा, कंठाल, सतीगेट, खड़े हनुमान, छत्रीचौक, गोपाल मंदिर, पटनी बाजार और गुदरी होते हुए महाकालेश्वर मंदिर पहुंचेगी।
मार्ग का निरीक्षण करने के बाद पुलिस अधिकारियों ने इसे पांच झोन में बांटकर सुरक्षा व्यवस्था तैयार की है। राजसी सवारी में सामान्य सवारी की तुलना में अधिक श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया जाएगा।
जेबकतरे और चेन स्नेचरों पर भी नजर
पिछली सवारी के दौरान भीड़ का फायदा उठाकर चोर गिरोहों ने महिलाओं और अन्य श्रद्धालुओं को निशाना बनाया था। मोबाइल, चेन और मंगलसूत्र चोरी की घटनाओं को देखते हुए इस बार पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था में इन गतिविधियों को भी प्राथमिकता दी है।
सवारी मार्ग के प्रमुख हिस्सों को CCTV कैमरों की निगरानी में रखा जाएगा। कैमरों के जरिए संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जाएगी।
सादी वर्दी में 100 से ज्यादा जवान तैनात
भीड़ के बीच संदिग्ध लोगों की पहचान के लिए 100 से अधिक पुलिसकर्मी सादी वर्दी में तैनात रहेंगे। ये जवान श्रद्धालुओं के बीच रहकर संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखेंगे और जरूरत पड़ने पर तत्काल कार्रवाई करेंगे।
पुलिस अधीक्षक ने बताया सुरक्षा प्लान
पुलिस अधीक्षक प्रदीप शर्मा के अनुसार राजसी सवारी के लिए सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन की विस्तृत योजना तैयार की गई है। करीब 2000 पुलिस जवान पूरे मार्ग पर तैनात रहेंगे। CCTV निगरानी के साथ सादी वर्दी में पुलिसकर्मियों की टीम भी संदिग्धों पर नजर रखेगी।



