उज्जैन की बेटी निकिता पोरवाल अब मिस वर्ल्ड में करेंगी भारत का प्रतिनिधित्व, विश्व मंच पर दिखेगा मध्यप्रदेश का गौरव
फेमिना मिस इंडिया वर्ल्ड का खिताब जीतने के बाद 73वीं मिस वर्ल्ड प्रतियोगिता में उतरेंगी निकिता, ‘माटी’ सामाजिक अभियान के साथ भारत की संस्कृति को वैश्विक मंच पर करेंगी प्रस्तुत।

धार्मिक नगरी उज्जैन की बेटी निकिता पोरवाल अब अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का प्रतिनिधित्व करने जा रही हैं। फेमिना मिस इंडिया वर्ल्ड का प्रतिष्ठित खिताब अपने नाम करने के बाद निकिता 73वीं मिस वर्ल्ड प्रतियोगिता में भारत की आधिकारिक प्रतिभागी के रूप में हिस्सा लेंगी। यह प्रतियोगिता वियतनाम में आयोजित होगी, जहां दुनिया के 120 से अधिक देशों की प्रतिभागी विश्व सुंदरी का ताज जीतने के लिए प्रतिस्पर्धा करेंगी।
निकिता पोरवाल की यह उपलब्धि केवल उज्जैन ही नहीं, बल्कि पूरे मध्यप्रदेश के लिए गर्व का विषय बन गई है। वह प्रदेश की पहली प्रतिभागी हैं जिन्होंने फेमिना मिस इंडिया वर्ल्ड का खिताब हासिल कर राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान बनाई और अब वैश्विक मंच पर भारत की दावेदारी पेश करेंगी।
अभिनय, लेखन और रंगमंच में भी बनाई अलग पहचान
ग्लैमर की दुनिया में कदम रखने से पहले ही निकिता कला और साहित्य के क्षेत्र में अपनी प्रतिभा साबित कर चुकी हैं। उन्होंने 60 से अधिक नाटकों में अभिनय किया है और 350 पृष्ठों का नाट्य लेखन भी किया है। बचपन में ही उन्होंने अपनी पहली पुस्तक लिखकर अपनी रचनात्मक क्षमता का परिचय दिया। वर्तमान में वह अपने थिएटर समूह की क्रिएटिव डायरेक्टर के रूप में भी सक्रिय हैं।
राष्ट्रीय मंचों पर बना चुकी हैं खास पहचान
मिस इंडिया बनने के बाद निकिता कई प्रतिष्ठित मंचों पर अपनी मौजूदगी दर्ज करा चुकी हैं। पर्यटन अभियानों, फैशन मैगजीन, सांस्कृतिक आयोजनों और प्रेरक व्याख्यानों के माध्यम से उन्होंने देशभर में अपनी अलग पहचान बनाई है। उनकी उपलब्धियां केवल सौंदर्य प्रतियोगिताओं तक सीमित नहीं हैं, बल्कि कला, अभिव्यक्ति और नेतृत्व क्षमता का भी उदाहरण हैं।
सामाजिक बदलाव का माध्यम बना ‘माटी’ अभियान
निकिता का मानना है कि सौंदर्य केवल बाहरी व्यक्तित्व तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने का माध्यम भी बनना चाहिए। इसी सोच के साथ उन्होंने ‘माटी’ नामक सामाजिक अभियान शुरू किया, जिसके माध्यम से आदिवासी महिलाओं और बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य और सशक्तिकरण के लिए लगातार कार्य किया जा रहा है।
इस पहल के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में जरूरतमंद परिवारों तक पेयजल शुद्धिकरण उपकरण, पोषण सामग्री और अन्य आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए गए हैं। उनका लक्ष्य इस अभियान को भविष्य में वैश्विक स्तर तक पहुंचाना है ताकि अधिक से अधिक जरूरतमंद समुदायों को इसका लाभ मिल सके।
भारत की संस्कृति को विश्व मंच पर पहुंचाने का सपना
निकिता का कहना है कि मिस इंडिया से मिस वर्ल्ड तक का सफर उनके लिए सीख, संघर्ष और अनुभवों से भरा रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में काम करने और समाज के विभिन्न वर्गों से जुड़ने ने उन्हें जीवन की नई समझ दी है। अब उनकी प्राथमिकता भारत की सांस्कृतिक विरासत, परंपराओं और मूल्यों को विश्व मंच पर सम्मानपूर्वक प्रस्तुत करना है।
उन्होंने बताया कि प्रतियोगिता से पहले वह मेजबान देश की संस्कृति और परंपराओं का भी अध्ययन कर रही हैं, ताकि वहां के लोगों से बेहतर संवाद स्थापित किया जा सके और भारत की छवि को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया जा सके।
उज्जैन की पहचान भी साथ लेकर जाएंगी
निकिता मानती हैं कि उज्जैन की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत ने उनके व्यक्तित्व को गहराई प्रदान की है। बचपन से धार्मिक वातावरण और ऐतिहासिक परंपराओं के बीच पली-बढ़ी निकिता का कहना है कि जब वह मिस वर्ल्ड के मंच पर उतरेंगी, तब उनके साथ केवल भारत ही नहीं, बल्कि उज्जैन की संस्कृति और उसकी पहचान भी विश्व के सामने होगी।
अब पूरे देश की निगाहें वियतनाम में होने वाली प्रतियोगिता पर टिकी हैं। सभी को उम्मीद है कि निकिता पोरवाल अपनी प्रतिभा, आत्मविश्वास और भारतीय संस्कृति के दम पर विश्व मंच पर नया इतिहास रचेंगी।



