सिंहस्थ-2028 के कामों में गुणवत्ता से समझौता नहीं, समय पर पूरा करने के निर्देश

प्रमुख सचिव संदीप यादव ने शिप्रा घाट, कान्ह डायवर्शन और सेवरखेड़ी बैराज का किया निरीक्षण

उज्जैन, 27 अगस्त। सिंहस्थ महापर्व-2028 की तैयारियों को लेकर प्रशासन ने निर्माण कार्यों की निगरानी तेज कर दी है। गुरुवार को जल संसाधन विभाग के प्रमुख सचिव संदीप यादव ने संभागायुक्त सह सिंहस्थ मेला अधिकारी आशीष सिंह और कलेक्टर रौशन कुमार सिंह के साथ शिप्रा तट, कान्ह डायवर्शन क्लोज डक्ट परियोजना और सेवरखेड़ी बैराज का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि हर परियोजना में गुणवत्ता, सुरक्षा और तय समय-सीमा का विशेष ध्यान रखा जाए।

घाट निर्माण में पत्थरों की होगी वैज्ञानिक जांच

अधिकारियों ने त्रिवेणी स्थित श्री नवग्रह शनि मंदिर के पास शिप्रा नदी पर बन रहे नए घाट का जायजा लिया। करीब 10 किलोमीटर क्षेत्र में घाट निर्माण की योजना है। प्रमुख सचिव ने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था करने और विद्युत तारों को भूमिगत करने के निर्देश दिए।

उन्होंने घाट निर्माण में इस्तेमाल होने वाले पत्थरों की वैज्ञानिक जांच और गुणवत्ता का आंकलन कराने को कहा। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए गए।

100 फीट नीचे पहुंचकर देखा कान्ह डायवर्शन प्रोजेक्ट

इसके बाद अधिकारियों ने ग्राम जवासिया में कान्ह डायवर्शन क्लोज डक्ट परियोजना का निरीक्षण किया। टीम करीब 100 फीट नीचे टनल में पहुंची और निर्माण की प्रगति देखी। परियोजना में 18.15 किलोमीटर कट-कवर और 12 किलोमीटर टनल का निर्माण प्रस्तावित है।

परियोजना पूरी होने के बाद कान्ह नदी के दूषित पानी को शिप्रा में मिलने से रोकने में मदद मिलेगी। प्रमुख सचिव ने काम को सिंहस्थ से पहले पूरा करने के लिए साप्ताहिक कार्ययोजना और नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने को कहा।

सेवरखेड़ी बैराज का 90 फीसदी काम पूरा

ग्राम सेवरखेड़ी में निर्माणाधीन बैराज का भी अधिकारियों ने निरीक्षण किया। बताया गया कि परियोजना का करीब 90 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। यहां 1.45 मिलियन घन मीटर क्षमता का बैराज बनाया जा रहा है।

परियोजना के तहत 3 मीटर व्यास की करीब 6.50 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन के जरिए शिप्रा का पानी सिलारखेड़ी जलाशय में संग्रहित किया जाएगा। जरूरत के अनुसार इस पानी को वापस शिप्रा में छोड़ा जा सकेगा। प्रमुख सचिव ने वर्षाकाल में बैराज के गेट लगाकर पानी रोकने तथा पंप हाउस के निर्माण की लगातार निगरानी के निर्देश दिए।

उन्होंने अधिकारियों से कहा कि निर्माण में गुणवत्तापूर्ण सामग्री का इस्तेमाल हो और किसी भी स्तर पर काम में अनावश्यक देरी न हो।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button