परिवार संग बाबा महाकाल की शरण में पहुंचे रजत पाटीदार, श्रावण के पहले दिन किया पूजन
आरसीबी कप्तान ने पत्नी और बच्चे के साथ भगवान महाकालेश्वर के दर्शन कर लिया आशीर्वाद; मंदिर परिसर में विधि-विधान से की आराधना

उज्जैन, 30 जुलाई। भारतीय क्रिकेटर और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के कप्तान रजत पाटीदार श्रावण मास के पहले दिन परिवार के साथ विश्व प्रसिद्ध महाकालेश्वर मंदिर पहुंचे। उन्होंने पत्नी और बच्चे के साथ भगवान महाकाल के दर्शन किए तथा मंदिर में विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर आशीर्वाद प्राप्त किया।
श्रावण के शुभारंभ पर महाकाल मंदिर में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ रही। इसी धार्मिक वातावरण के बीच पाटीदार ने भगवान महाकाल के समक्ष नमन किया। उन्होंने ज्योतिर्लिंग का जलाभिषेक कर परिवार की सुख-समृद्धि और अपने क्रिकेट करियर की सफलता के लिए प्रार्थना की।
परिवार के साथ बिताया आध्यात्मिक समय
मंदिर दर्शन के दौरान रजत पाटीदार के साथ उनकी पत्नी और बच्चा भी मौजूद रहे। परिवार ने मंदिर परिसर में कुछ समय बिताया और भगवान महाकाल की आराधना की। श्रावण के पहले दिन पाटीदार की इस धार्मिक यात्रा को देखने के लिए मौजूद क्रिकेट प्रशंसकों में भी उत्साह दिखाई दिया।
पाटीदार मध्य प्रदेश से घरेलू क्रिकेट खेलते हैं और राज्य की क्रिकेट टीम का नेतृत्व भी कर चुके हैं। उज्जैन और इंदौर सहित मालवा क्षेत्र से उनका विशेष जुड़ाव रहा है।
कप्तानी में आरसीबी को दिलाई लगातार दूसरी ट्रॉफी
रजत पाटीदार का हालिया आईपीएल सफर उल्लेखनीय रहा है। उनकी कप्तानी में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने 2025 के बाद 2026 में भी खिताब जीता। इसके साथ पाटीदार लगातार दो आईपीएल ट्रॉफी जीतने वाले चुनिंदा कप्तानों में शामिल हो गए।
आईपीएल-2026 के दौरान उन्होंने कप्तानी के साथ बल्लेबाजी में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। गुजरात टाइटंस के विरुद्ध क्वालिफायर मुकाबले में उनकी नाबाद 93 रन की पारी ने आरसीबी को फाइनल में पहुंचाने में अहम योगदान दिया था।
टीम इंडिया में वापसी की उम्मीद
मध्यक्रम के आक्रामक बल्लेबाज पाटीदार भारत के लिए टेस्ट और वनडे क्रिकेट में पदार्पण कर चुके हैं। घरेलू क्रिकेट और आईपीएल में प्रदर्शन के आधार पर उनके समर्थक राष्ट्रीय टीम में वापसी की उम्मीद कर रहे हैं।
बाबा महाकाल के प्रति रजत पाटीदार की आस्था पहले भी देखने को मिल चुकी है। वे अवसर मिलने पर उज्जैन पहुंचकर भगवान महाकाल के दर्शन और आराधना करते रहे हैं।



