महाकाल सवारी के चलते उज्जैन में सोमवार को बंद रहेंगे स्कूल, रविवार को लगेंगी कक्षाएं

3 से 31 अगस्त तक शहर के सरकारी और निजी विद्यालयों में बदलेगी व्यवस्था

उज्जैन। श्रावण-भादौ मास में निकलने वाली बाबा महाकाल की सवारियों के दौरान श्रद्धालुओं की भीड़ और यातायात दबाव को देखते हुए उज्जैन शहर के स्कूलों की साप्ताहिक व्यवस्था में बदलाव किया जाएगा। प्रस्तावित व्यवस्था के अनुसार 3 अगस्त से 31 अगस्त 2026 तक प्रत्येक सोमवार को विद्यालय बंद रहेंगे, जबकि पढ़ाई की भरपाई के लिए इससे एक दिन पहले रविवार को नियमित कक्षाएं संचालित की जाएंगी।

यह व्यवस्था उज्जैन नगर क्षेत्र के सरकारी और निजी विद्यालयों पर लागू होगी। शिक्षा विभाग की ओर से इस संबंध में विस्तृत आदेश जारी किया जाना बाकी है। पिछले वर्ष भी महाकाल सवारी के कारण सोमवार को स्कूलों में अवकाश और उससे पहले रविवार को कक्षाएं संचालित करने की व्यवस्था लागू की गई थी।

चार श्रावण और दो भादौ में निकलेंगी सवारियां

वर्ष 2026 में बाबा महाकाल की पहली सवारी 3 अगस्त को निकाली जाएगी। इसके बाद श्रावण मास की सवारियां 10, 17 और 24 अगस्त को प्रस्तावित हैं। भादौ मास की पांचवीं सवारी 31 अगस्त और अंतिम राजसी सवारी 7 सितंबर को निकलेगी।

प्रत्येक सवारी के दौरान महाकाल मंदिर क्षेत्र, रामघाट और पुराने शहर के प्रमुख मार्गों पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। बैरिकेडिंग और यातायात परिवर्तन के कारण स्कूल बसों तथा निजी वाहनों की आवाजाही प्रभावित होने की आशंका रहती है।

31 अगस्त तक सोमवार को अवकाश

प्रस्तावित निर्णय के अनुसार 3, 10, 17, 24 और 31 अगस्त को उज्जैन शहर के स्कूलों में अवकाश रहेगा। इन शिक्षण दिवसों की भरपाई के लिए संबंधित सोमवार से पहले पड़ने वाले रविवार को स्कूल खोले जाएंगे।

रविवार को कक्षाओं का समय, विद्यार्थियों की उपस्थिति और परिवहन व्यवस्था से जुड़ी विस्तृत जानकारी शिक्षा विभाग के आधिकारिक आदेश में स्पष्ट की जाएगी।

राजसी सवारी पर जिलेभर में छुट्टी की तैयारी

बाबा महाकाल की अंतिम राजसी सवारी 7 सितंबर को निकलेगी। इस दिन परंपरागत रूप से उज्जैन जिले में स्थानीय अवकाश घोषित किया जाता है। प्रशासनिक आदेश जारी होने के बाद ही जिलेभर के स्कूलों और कार्यालयों की छुट्टी की औपचारिक पुष्टि होगी।

विद्यार्थियों की सुरक्षा को प्राथमिकता

प्रशासन के अनुसार सवारी वाले सोमवार को शहर के कई मार्गों पर यातायात प्रतिबंध और डायवर्जन लागू रहते हैं। स्कूल बसों के जाम में फंसने से विद्यार्थियों को घर लौटने में देरी हो सकती है। इसी परेशानी से बचने और बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सोमवार के स्थान पर रविवार को कक्षाएं संचालित करने की योजना बनाई गई है।

यह निर्णय केवल शैक्षणिक व्यवस्था बदलने तक सीमित नहीं रहेगा। स्कूल प्रबंधन को बसों के संचालन, अभिभावकों को समय पर सूचना देने और रविवार की कक्षाओं के लिए आवश्यक प्रबंध करने होंगे।

पारंपरिक मार्ग से निकलेगी सवारी

भगवान महाकाल की सवारी मंदिर के सभामंडप में पूजन के बाद शाम करीब 4 बजे प्रारंभ होगी। पालकी गुदरी चौराहा, बक्षी बाजार और कहारवाड़ी से होते हुए रामघाट पहुंचेगी, जहां भगवान का पूजन किया जाएगा।

इसके बाद सवारी रामानुजकोट, मोढ़ की धर्मशाला, कार्तिक चौक, खाती समाज मंदिर, सत्यनारायण मंदिर, ढाबा रोड, टंकी चौराहा, छत्री चौक, गोपाल मंदिर, पटनी बाजार और गुदरी बाजार से होते हुए पुनः महाकालेश्वर मंदिर पहुंचेगी।

कलेक्टर रोशन कुमार सिंह ने बताया कि स्कूल संचालन की व्यवस्था पूर्व वर्षों की तरह श्रद्धालुओं की भीड़ और यातायात को ध्यान में रखते हुए बनाई जा रही है। औपचारिक आदेश जारी होने के बाद स्कूलों को तारीखवार निर्देश उपलब्ध कराए जाएंगे।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button