मध्यप्रदेश में मानसून कमजोर, सामान्य से 12 इंच कम बारिश; तेज बारिश के आसार कम
अगस्त में बारिश का कोटा पूरा नहीं हुआ, बंगाल की खाड़ी में सिस्टम बनने पर बढ़ सकती है मानसून की सक्रियता

उज्जैन। मध्यप्रदेश में मानसून की सक्रियता कमजोर पड़ने से बारिश का इंतजार बढ़ता जा रहा है। अगस्त का महीना खत्म होने को है, लेकिन प्रदेश में अब तक सामान्य से करीब 12 इंच कम बारिश दर्ज हुई है। मौसम विभाग के मुताबिक फिलहाल प्रदेश में तेज बारिश कराने वाला कोई मजबूत सिस्टम सक्रिय नहीं है।
बारिश की कमी का असर प्रदेश के कई हिस्सों में दिखाई दे रहा है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का क्षेत्र बनने पर ही मध्यप्रदेश में बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है। वर्तमान परिस्थितियों में अगले कुछ दिनों तक व्यापक और तेज बारिश की उम्मीद कम है।
बंगाल की खाड़ी पर टिकी निगाहें
मौसम विभाग के मुताबिक बंगाल की खाड़ी में बनने वाले सिस्टम का असर मध्यप्रदेश के मौसम पर पड़ सकता है। यदि यह सिस्टम मजबूत होता है और पश्चिम दिशा में आगे बढ़ता है, तो प्रदेश के कुछ हिस्सों में बारिश का दौर शुरू हो सकता है।
फिलहाल मानसून ट्रफ की स्थिति और हवा के बदलते पैटर्न के कारण बारिश सीमित रहने की संभावना जताई जा रही है। ऐसे में किसानों और आम लोगों को अच्छी बारिश के लिए नए मौसम सिस्टम का इंतजार करना पड़ सकता है।
उत्तर-पश्चिमी क्षेत्रों में भी बारिश की कमी
प्रदेश के साथ उत्तर-पश्चिमी भारत के कई हिस्सों में भी बारिश की गतिविधियां कमजोर बनी हुई हैं। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि बंगाल की खाड़ी में बनने वाला कोई प्रभावी सिस्टम ही बारिश की स्थिति में बड़ा बदलाव ला सकता है।
हालांकि स्थानीय स्तर पर कुछ स्थानों पर बारिश हो सकती है, लेकिन फिलहाल पूरे प्रदेश में तेज और लगातार बारिश का दौर बनने के संकेत नहीं हैं।



