भोपाल में आज से शुरू हुई ई-बस सेवा, ₹7 न्यूनतम और ₹1.50 प्रति किलोमीटर रहेगा किराया
पहले चरण में दो मार्गों पर दौड़ेंगी 10 इलेक्ट्रिक बसें; अगले सप्ताह 10 और बसों को नए रूट पर उतारने की तैयारी

भोपाल, 30 जुलाई। राजधानी में लंबे इंतजार के बाद इलेक्ट्रिक बसों का व्यावसायिक संचालन गुरुवार से शुरू हो गया। ट्रायल रन सफलतापूर्वक पूरा होने के बाद पहले चरण में 10 ई-बसों को दो निर्धारित मार्गों पर यात्रियों के लिए उतारा गया है। इन बसों में न्यूनतम किराया ₹7 रखा गया है, जबकि आगे की यात्रा के लिए ₹1.50 प्रति किलोमीटर के हिसाब से किराया लिया जाएगा।
ई-बस सेवा शुरू होने से यात्रियों को सार्वजनिक परिवहन का नया और पर्यावरण अनुकूल विकल्प मिलेगा। इलेक्ट्रिक होने के कारण इन बसों से धुआं और शोर अपेक्षाकृत कम होगा। इससे शहर में प्रदूषण घटाने के साथ सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को बेहतर बनाने में सहायता मिलने की उम्मीद है।
भोपाल पहुंच चुकी हैं 30 इलेक्ट्रिक बसें
भोपाल सिटी लिंक लिमिटेड के अधिकारियों के अनुसार शहर में अब तक कुल 30 इलेक्ट्रिक बसें पहुंच चुकी हैं। इनमें से 10 बसों का संचालन पहले चरण में शुरू किया गया है। यात्रियों की प्रतिक्रिया, मार्गों पर मिलने वाली संख्या और संचालन से जुड़े अनुभवों की समीक्षा के बाद अन्य बसों को भी चरणबद्ध तरीके से सड़कों पर उतारा जाएगा।
अगले सप्ताह 10 अतिरिक्त ई-बसें नए मार्गों पर शुरू करने की तैयारी है। शेष बसों के संचालन के लिए भी यात्री दबाव और शहर की परिवहन जरूरतों के आधार पर रूट तय किए जाएंगे।
पहले मार्ग पर यहां से गुजरेगी बस
पहला ई-बस मार्ग चिरायु अस्पताल से शुरू होकर बोर्ड ऑफिस मेट्रो स्टेशन के रास्ते बैरागढ़-चिचली तक निर्धारित किया गया है। यह मार्ग शहर के आवासीय, व्यावसायिक और मेट्रो स्टेशन से जुड़े क्षेत्रों को सार्वजनिक परिवहन सुविधा से जोड़ेगा।
इस मार्ग से यात्रा करने वाले लोगों को मेट्रो स्टेशन तक पहुंचने के लिए अतिरिक्त विकल्प मिलेगा। रोजाना कार्यालय, बाजार और अन्य आवश्यक कार्यों के लिए निकलने वाले यात्रियों को भी इसका लाभ मिलने की संभावना है।
रेलवे कोच फैक्ट्री तक रहेगा दूसरा रूट
दूसरा मार्ग भी चिरायु अस्पताल से शुरू होगा। बस बोर्ड ऑफिस और चेतक ब्रिज से होते हुए रेलवे कोच फैक्ट्री तक जाएगी। इस रूट पर औद्योगिक और प्रमुख आवागमन वाले क्षेत्रों को शामिल किया गया है।
दोनों मार्गों पर बसों के संचालन की नियमित निगरानी की जाएगी। यात्रियों की संख्या और समयपालन के आधार पर बसों की आवृत्ति तथा समय सारणी में आवश्यक बदलाव किए जा सकते हैं।
किफायती और प्रदूषण रहित परिवहन पर जोर
ई-बस सेवा का उद्देश्य यात्रियों को किफायती, सुविधाजनक और स्वच्छ सार्वजनिक परिवहन उपलब्ध कराना है। डीजल बसों की तुलना में इलेक्ट्रिक बसों से कार्बन उत्सर्जन कम होगा। इसके साथ ही ईंधन पर निर्भरता घटने और शहर की वायु गुणवत्ता में सुधार की उम्मीद भी जताई जा रही है।
प्रशासन ने यात्रियों से निर्धारित बस स्टॉप का उपयोग करने और यात्रा के दौरान बस कर्मचारियों के निर्देशों का पालन करने की अपील की है। प्रारंभिक संचालन के परिणामों के आधार पर भोपाल में ई-बसों का नेटवर्क आगे और विस्तारित किया जाएगा।



