श्रावण में प्लास्टिक मुक्त होंगे भंडारे, नगर निगम चलाएगा ‘ग्रीन उज्जैन’ अभियान
थर्माकोल की प्लेट, गिलास और चम्मच के स्थान पर बायोडिग्रेडेबल बर्तनों को बढ़ावा; सफल मॉडल सिंहस्थ-2028 में भी लागू करने की तैयारी

उज्जैन। श्रावण मास के दौरान शहर में आयोजित होने वाले भंडारों और धार्मिक कार्यक्रमों में इस बार प्लास्टिक तथा थर्माकोल से बने बर्तनों का उपयोग कम करने की तैयारी है। नगर निगम ने पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता को ध्यान में रखते हुए ‘ग्रीन उज्जैन’ अभियान शुरू करने का निर्णय लिया है।
अभियान के तहत भंडारों में प्लास्टिक की थाली, गिलास, कटोरी और चम्मच के स्थान पर पत्तल, दोने तथा अन्य जैव अपघटनीय सामग्री से बने बर्तनों के इस्तेमाल को प्रोत्साहित किया जाएगा। धार्मिक संस्थाओं, आश्रमों, होटल-रेस्टोरेंट और सामाजिक संगठनों को भी इस पहल से जोड़ा जाएगा।
धार्मिक आयोजनों से निकलता है बड़ी मात्रा में कचरा
श्रावण मास में महाकाल मंदिर सहित शहर के अलग-अलग क्षेत्रों में प्रतिदिन भंडारे, प्रसादी वितरण और धार्मिक कार्यक्रम आयोजित होते हैं। इन आयोजनों के बाद प्लास्टिक और थर्माकोल का बड़ी मात्रा में कचरा निकलता है।
यह कचरा लंबे समय तक नष्ट नहीं होता और नालियों, सड़कों तथा धार्मिक स्थलों के आसपास सफाई व्यवस्था को प्रभावित करता है। इसी समस्या को देखते हुए नगर निगम ने इस बार स्वच्छता अभियान को पर्यावरण संरक्षण से जोड़ने की योजना बनाई है।
मंदिर और आश्रम भी अभियान के दायरे में
नगर निगम का अभियान केवल भंडारा आयोजकों तक सीमित नहीं रहेगा। मंदिरों, आश्रमों और धार्मिक स्थलों के आसपास नियमित कचरा संग्रहण, विशेष सफाई और गीले-सूखे कचरे का अलग-अलग निस्तारण सुनिश्चित कराया जाएगा।
आयोजकों से कार्यक्रम स्थल पर पर्याप्त कचरा पात्र रखने और आयोजन समाप्त होने के बाद क्षेत्र की सफाई में नगर निगम का सहयोग करने की अपील की जाएगी। निगम की टीमें प्रमुख धार्मिक क्षेत्रों का निरीक्षण भी करेंगी।
होटल और भोजनालयों को भी किया जाएगा प्रेरित
शहर के होटल, रेस्टोरेंट, भोजनालय और प्रसाद विक्रेताओं को भी सिंगल यूज प्लास्टिक का प्रयोग बंद करने के लिए प्रेरित किया जाएगा। प्रतिष्ठानों से पैकिंग और भोजन परोसने के लिए पर्यावरण अनुकूल विकल्प अपनाने को कहा जाएगा।
स्वच्छता और प्लास्टिक मुक्त व्यवस्था का बेहतर पालन करने वाले प्रतिष्ठानों तथा संस्थाओं को महापौर और निगम अध्यक्ष की ओर से सम्मानित करने की योजना है। निगम का मानना है कि सम्मान और सकारात्मक प्रतिस्पर्धा के माध्यम से अधिक से अधिक संस्थानों को अभियान से जोड़ा जा सकेगा।
प्रवेश मार्गों पर दिखाई देंगे स्वच्छता संदेश
श्रद्धालुओं और यात्रियों को जागरूक करने के लिए शहर के प्रमुख प्रवेश मार्गों, धार्मिक क्षेत्रों और भीड़ वाले स्थानों पर स्वच्छता संबंधी स्लोगन एवं ब्रांडिंग की जाएगी।
नगर निगम ‘प्लास्टिक मुक्त भंडारा, स्वच्छ उज्जैन हमारा’ जैसे संदेशों के माध्यम से नागरिकों और आयोजकों से जनभागीदारी की अपील करेगा।
विद्यार्थियों और युवाओं को भी जोड़ने की योजना
ग्रीन उज्जैन अभियान में स्कूल और कॉलेज के विद्यार्थियों को भी शामिल किया जाएगा। इसके लिए निबंध लेखन, स्लोगन, चित्रकला प्रतियोगिता, जागरूकता रैली और मैराथन जैसे कार्यक्रम आयोजित करने की योजना है।
इन गतिविधियों के माध्यम से बच्चों और युवाओं को सिंगल यूज प्लास्टिक से होने वाले नुकसान तथा कचरा पृथक्करण के महत्व की जानकारी दी जाएगी।
सिंहस्थ-2028 के लिए तैयार होगा मॉडल
नगर निगम श्रावण मास में इस अभियान के परिणामों का आकलन करेगा। प्लास्टिक मुक्त भंडारों और पर्यावरण अनुकूल आयोजनों का प्रयोग सफल रहने पर इसी व्यवस्था को सिंहस्थ-2028 में व्यापक स्तर पर लागू किया जा सकता है।
सिंहस्थ में करोड़ों श्रद्धालुओं के आने की संभावना को देखते हुए प्रशासन अभी से ऐसी व्यवस्थाएं विकसित करना चाहता है, जिनसे धार्मिक आयोजनों के दौरान निकलने वाले कचरे को कम किया जा सके और शहर की स्वच्छता बनी रहे।
नगर निगम ने धार्मिक संस्थाओं, सामाजिक संगठनों, व्यापारियों और नागरिकों से प्लास्टिक का उपयोग बंद कर पर्यावरण अनुकूल विकल्प अपनाने की अपील की है।



