छात्र प्रदर्शनों में पुलिस से पहले सिविल डिफेंस तैनात हो: किरण बेदी ने सुझाया नया मॉडल

पूर्व आईपीएस अधिकारी ने कहा—निहत्थे और प्रशिक्षित स्वयंसेवक बनें पहली सुरक्षा पंक्ति, जान-माल पर खतरा होने पर ही आगे आए दंगा नियंत्रण पुलिस

नई दिल्ली, 24 जुलाई 2026। पूर्व आईपीएस अधिकारी और पुडुचेरी की पूर्व उपराज्यपाल किरण बेदी ने छात्र आंदोलनों के दौरान पुलिस एवं प्रदर्शनकारियों के बीच सीधे टकराव को रोकने के लिए एक वैकल्पिक भीड़ प्रबंधन व्यवस्था का सुझाव दिया है। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रदर्शनों में पुलिस को सबसे आगे तैनात करने के बजाय प्रशिक्षित सिविल डिफेंस स्वयंसेवकों को पहली पंक्ति में रखा जाना चाहिए।

किरण बेदी ने सोशल मीडिया पर साझा अपने वीडियो संदेश में प्रधानमंत्री कार्यालय और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को टैग करते हुए यह प्रस्ताव रखा। उनके अनुसार, सिविल डिफेंस कर्मियों की मौजूदगी पुलिस और युवाओं के बीच एक सुरक्षित बफर का काम कर सकती है, जिससे तनाव और बल प्रयोग की आशंका कम होगी।

पुलिस को पीछे रखने की सलाह

बेदी ने सुझाव दिया कि प्रशिक्षित सिविल डिफेंस कर्मियों को प्रदर्शन स्थल की अग्रिम पंक्ति में तैनात किया जाए, जबकि दंगा नियंत्रण पुलिस कुछ दूरी पर तैयार रहे। स्थिति अनियंत्रित होने, सिविल डिफेंस की पंक्ति टूटने या लोगों एवं संपत्ति की सुरक्षा पर गंभीर खतरा बनने की स्थिति में ही पुलिस को आगे आना चाहिए।

उन्होंने इस व्यवस्था की तुलना सीमा सुरक्षा मॉडल से की। उनके मुताबिक जिस तरह सीमावर्ती क्षेत्रों में सेना से पहले सीमा सुरक्षा बल अग्रिम भूमिका निभाता है, उसी प्रकार छात्र आंदोलनों में सिविल डिफेंस को शुरुआती जिम्मेदारी दी जा सकती है।

लाठी या हथियार नहीं रखने का सुझाव

पूर्व आईपीएस अधिकारी ने कहा कि सिविल डिफेंस कर्मियों के पास लाठी या आक्रामक हथियार नहीं होने चाहिए। उन्हें सुरक्षा के लिए हेलमेट, बॉडी आर्मर और शील्ड जैसे उपकरण उपलब्ध कराए जा सकते हैं। उनका मुख्य काम प्रदर्शनकारियों को रोकने के बजाय बातचीत, संयम और शांतिपूर्ण तरीके से स्थिति को नियंत्रित करना होना चाहिए।

बेदी का मानना है कि इस मॉडल से पुलिस पर अत्यधिक बल प्रयोग के आरोपों की संभावना घटेगी और प्रदर्शनकारी छात्रों को भी सुरक्षा मिलेगी। उन्होंने मौजूदा सिविल डिफेंस या होमगार्ड कर्मियों को विशेष प्रशिक्षण देकर इस भूमिका के लिए तैयार करने की संभावना जताई।

CJP प्रदर्शन के बीच आया सुझाव

किरण बेदी का सुझाव ऐसे समय सामने आया है, जब दिल्ली में परीक्षा पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था से जुड़ी मांगों को लेकर CJP के नेतृत्व में छात्र प्रदर्शन जारी हैं। जंतर-मंतर और संसद क्षेत्र के आसपास हुए प्रदर्शनों के दौरान पुलिस तथा प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव की घटनाएं सामने आई थीं। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर स्थिति बिगाड़ने और अनुचित व्यवहार के आरोप लगाए हैं।

युवा आंदोलन के प्रतिनिधि शिक्षा व्यवस्था में सुधार और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे सहित विभिन्न मांगें उठा रहे हैं। आंदोलन को लेकर सरकार और प्रदर्शनकारी प्रतिनिधियों के बीच बातचीत की कोशिशें भी चल रही हैं, हालांकि बैठक के स्थान और मांगों को लेकर मतभेद बने हुए हैं।

क्या सरकार अपनाएगी यह मॉडल?

केंद्र सरकार या दिल्ली पुलिस की ओर से किरण बेदी के प्रस्ताव पर किसी औपचारिक निर्णय की जानकारी सामने नहीं आई है। हालांकि, प्रदर्शन नियंत्रण में पुलिस और आंदोलनकारियों के बीच एक प्रशिक्षित लेकिन निहत्थी नागरिक सुरक्षा पंक्ति बनाने के उनके विचार पर सार्वजनिक चर्चा शुरू हो गई है।

विशेषज्ञों के अनुसार, इस व्यवस्था को लागू करने से पहले सिविल डिफेंस कर्मियों के प्रशिक्षण, कानूनी अधिकार, जवाबदेही, सुरक्षा और पुलिस के साथ समन्वय की स्पष्ट व्यवस्था बनानी होगी। किरण बेदी का दावा है कि सही प्रशिक्षण और नियमों के साथ यह मॉडल छात्र आंदोलनों को अधिक मानवीय और कम टकरावपूर्ण तरीके से संभालने में सहायक हो सकता है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button