श्रावण से पहले महाकाल मंदिर की व्यवस्थाओं का निरीक्षण, श्रद्धालुओं की सुविधा पर विशेष जोर
कलेक्टर रौशन कुमार सिंह ने दर्शन मार्ग, पार्किंग, जल अर्पण, भस्म आरती और निर्माण कार्यों का लिया जायजा; अधूरे काम शीघ्र पूरा करने के निर्देश

उज्जैन, 28 जुलाई। श्रावण-भादौ मास में भगवान महाकालेश्वर के दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए प्रशासन ने मंदिर परिसर की व्यवस्थाओं की समीक्षा तेज कर दी है। मंगलवार को कलेक्टर रौशन कुमार सिंह ने महाकाल मंदिर और आसपास के क्षेत्रों का पैदल भ्रमण कर दर्शन व्यवस्था, प्रवेश एवं निर्गम मार्ग, सुरक्षा इंतजाम, पार्किंग और निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान पुलिस अधीक्षक प्रदीप शर्मा, नगर निगम आयुक्त अभिलाष मिश्रा और मंदिर समिति के अधिकारी भी मौजूद रहे। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि श्रावण माह में श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। सभी विभाग आपसी समन्वय से काम करें, ताकि भक्तों को व्यवस्थित और सुगम तरीके से दर्शन मिल सकें।
दर्शन मार्ग और भीड़ प्रबंधन की समीक्षा
कलेक्टर ने श्रद्धालुओं के लिए निर्धारित अलग-अलग मार्गों का पैदल निरीक्षण किया। उन्होंने हरसिद्धि माता मंदिर चौराहे से बड़ा गणेश मंदिर और प्रीपेड बूथ तक की व्यवस्था देखी। इसके बाद मंदिर के मुख्य द्वार, शंख चौराहा, गेट नंबर एक और महाकाल महालोक परिसर तक पहुंचकर भीड़ नियंत्रण के इंतजामों की जानकारी ली।
अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि प्रत्येक मार्ग पर पर्याप्त बैरिकेडिंग, स्पष्ट संकेतक बोर्ड और सुरक्षा कर्मचारियों की तैनाती सुनिश्चित की जाए। संकरे मार्गों और अधिक भीड़ वाले स्थानों पर अतिरिक्त व्यवस्था करने को भी कहा गया।
पार्किंग, जूता स्टैंड और विशेष दर्शन व्यवस्था देखी
निरीक्षण के दौरान पार्किंग स्थल, जूता स्टैंड और ₹250 के शीघ्र दर्शन टिकट वाले श्रद्धालुओं की व्यवस्था का भी परीक्षण किया गया। कांवड़ यात्रियों के प्रवेश मार्ग, जल अर्पण की प्रक्रिया और भस्म आरती के दौरान लागू होने वाली व्यवस्था की जानकारी भी ली गई।
महाकाल मंदिर समिति के प्रशासक प्रथम कौशिक ने श्रावण माह के लिए तैयार किए गए दर्शन प्लान की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रशासन से मिले निर्देशों के अनुसार शेष व्यवस्थाएं निर्धारित समय में पूरी कर ली जाएंगी।
निर्माण सामग्री और खुले गड्ढे हटाने के निर्देश
मंदिर के बाहरी क्षेत्र में चल रहे निर्माण कार्यों की प्रगति भी जांची गई। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि श्रद्धालुओं की आवाजाही वाले मार्गों पर पड़ी निर्माण सामग्री तत्काल हटाई जाए। खुले गड्ढों को बंद करने और निर्माण क्षेत्रों में मजबूत बैरिकेडिंग लगाने को कहा गया।
संबंधित अधिकारियों को श्रावण की भीड़ शुरू होने से पहले सभी जरूरी काम पूरे करने के निर्देश दिए गए, ताकि निर्माण गतिविधियों के कारण श्रद्धालुओं को परेशानी न हो।
भस्म आरती के समय में रहेगा बदलाव
श्रावण-भादौ मास के दौरान 30 जुलाई से 7 सितंबर 2026 तक महाकाल मंदिर के पट प्रतिदिन सुबह 3 बजे खुलेंगे। सामान्य दिनों में भस्म आरती सुबह 3 से 5 बजे तक होगी।
प्रत्येक सोमवार मंदिर के पट सुबह 2.30 बजे खोले जाएंगे और भस्म आरती का समय सुबह 2.30 से 4.30 बजे तक रहेगा। 8 सितंबर से मंदिर के पट खुलने का समय पहले की तरह हो जाएगा।
सामान्य दर्शन के लिए निर्धारित मार्ग
सामान्य श्रद्धालु त्रिवेणी संग्रहालय के पास से नंदी द्वार, महाकाल महालोक, मानसरोवर भवन, फेसिलिटी सेंटर-1 और टनल मंदिर परिसर होते हुए कार्तिक मंडपम तथा गणेश मंडपम से दर्शन करेंगे।
नीलकंठ प्रवेश द्वार से आने वाले श्रद्धालु मानसरोवर भवन में प्रवेश करेंगे। दर्शन के बाद उन्हें निर्माल्य द्वार अथवा नए आपातकालीन निर्गम द्वार से बाहर भेजा जाएगा।
श्रद्धालुओं के लिए जल अर्पण की व्यवस्था मंदिर के सभामंडप और कार्तिकेय मंडपम में रखे जलपात्रों के माध्यम से की जाएगी।
शीघ्र दर्शन के लिए दो वैकल्पिक मार्ग
पहली व्यवस्था के तहत श्रद्धालु हरसिद्धि चौराहे से बैरिकेडिंग मार्ग द्वारा द्वार नंबर पांच से विश्रामधाम, सभामंडपम और गणेश मंडपम पहुंचेंगे। दर्शन के बाद उन्हें निर्धारित निर्गम द्वार से बाहर भेजा जाएगा।
दूसरे मार्ग में श्रद्धालु द्वार नंबर एक से विश्रामधाम, सभामंडपम और गणेश मंडपम होते हुए दर्शन करेंगे।
सप्ताह में चार दिन कांवड़ यात्रियों को प्रवेश
कांवड़ यात्रियों को जल अर्पण के लिए मंगलवार, बुधवार, गुरुवार और शुक्रवार को प्रवेश दिया जाएगा। कांवड़ दल द्वार नंबर एक और हरसिद्धि चौराहे से बनाए गए विशेष दर्शन मार्ग से मंदिर पहुंच सकेंगे।
शनिवार, रविवार और सोमवार को अत्यधिक भीड़ की संभावना के कारण किसी भी कांवड़ दल को प्रवेश की अनुमति जारी नहीं की जाएगी।



