सिंहस्थ-2028 की तैयारियों पर संतों ने उठाए सवाल, मेला अधिकारी को सौंपा 16 मांगों का ज्ञापन
13 अखाड़ों के साधु-संतों ने अतिक्रमण और पक्के निर्माण हटाने की मांग की, शिविर स्थलों व प्रस्तावित मार्गों की बाधाओं पर भी हुई चर्चा

उज्जैन। सिंहस्थ-2028 की तैयारियों के बीच शहर के 13 अखाड़ों से जुड़े साधु-संतों ने सोमवार को मेला अधिकारी एवं संभागायुक्त आशीष सिंह से मुलाकात की। संतों ने सिंहस्थ क्षेत्र में अखाड़ों के शिविर स्थलों, अतिक्रमण, पक्के निर्माण और विकास कार्यों से संबंधित समस्याएं अधिकारियों के सामने रखीं। इस दौरान 16 मांगों वाला ज्ञापन भी सौंपा गया।
बैठक में साधु-संतों ने कहा कि सिंहस्थ मेला क्षेत्र में कई स्थानों पर अखाड़ों के लिए निर्धारित जमीन पर अतिक्रमण और स्थायी निर्माण हो गए हैं। आगामी आयोजन को देखते हुए ऐसे निर्माणों को चिह्नित कर समय रहते हटाया जाना आवश्यक है, ताकि अखाड़ों के शिविर लगाने और धार्मिक गतिविधियों के संचालन में परेशानी न आए।
अखाड़ों के शिविर स्थलों पर विकास कार्य शुरू करने की मांग
ज्ञापन में अखाड़ों के शिविर क्षेत्रों में आवश्यक बुनियादी सुविधाओं और विकास कार्यों को जल्द शुरू करने की मांग भी शामिल है। संतों ने कहा कि सिंहस्थ के दौरान लाखों श्रद्धालु और बड़ी संख्या में साधु-संत उज्जैन पहुंचेंगे। ऐसे में शिविर स्थलों पर सड़क, पानी, बिजली, सफाई और आवागमन से जुड़ी व्यवस्थाएं पहले से तैयार की जानी चाहिए।
नए मार्गों में आ रही बाधाओं पर हुई चर्चा
बैठक के दौरान सिंहस्थ मेला क्षेत्र के लिए प्रस्तावित नए मार्गों में आ रही बाधाओं का मुद्दा भी उठाया गया। साधु-संतों ने अधिकारियों को विभिन्न क्षेत्रों की स्थिति से अवगत कराते हुए कहा कि मार्ग निर्माण और चौड़ीकरण से संबंधित अड़चनों का जल्द समाधान किया जाए।
इसके अलावा अखाड़ों और साधु-संतों से जुड़ी अन्य समस्याओं पर भी विस्तार से चर्चा हुई। संतों ने कुल 16 बिंदुओं पर आधारित ज्ञापन मेला अधिकारी को सौंपते हुए समयबद्ध निराकरण की मांग की।
समन्वय से सिंहस्थ आयोजन का भरोसा
मेला अधिकारी आशीष सिंह ने ज्ञापन में उठाए गए विषयों पर आवश्यक परीक्षण कर समाधान का भरोसा दिया। उन्होंने कहा कि सिंहस्थ-2028 का आयोजन सभी अखाड़ों, साधु-संतों और प्रशासन के समन्वय से किया जाएगा। तैयारियों में धार्मिक परंपराओं और संत समाज की आवश्यकताओं का ध्यान रखा जाएगा।
बैठक में शैव और वैष्णव अखाड़ों के संत-महंतों के साथ अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के उज्जैन प्रवक्ता गोविंद सोलंकी, राहुल कटारिया सहित अन्य प्रतिनिधि मौजूद रहे।



