सोनम रघुवंशी की जमानत सुप्रीम कोर्ट ने रद्द की, तीन सप्ताह में करना होगा सरेंडर

राजा रघुवंशी हत्याकांड में मेघालय सरकार की अपील मंजूर; छह महीने में ट्रायल पूरा नहीं होने पर दोबारा जमानत मांगने की छूट

नई दिल्ली/इंदौर, 23 जुलाई 2026। राजा रघुवंशी हत्याकांड की आरोपी सोनम रघुवंशी को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। शीर्ष अदालत ने गुरुवार को उनकी जमानत रद्द करते हुए तीन सप्ताह के भीतर संबंधित अदालत के समक्ष आत्मसमर्पण करने का निर्देश दिया है। इसके बाद सोनम को दोबारा न्यायिक हिरासत में जाना होगा।

जस्टिस एमएम सुंदरेशन और जस्टिस पीबी वरेले की पीठ ने मेघालय सरकार की याचिका स्वीकार करते हुए निचली अदालत और मेघालय हाईकोर्ट से मिली जमानत को निरस्त कर दिया। अदालत ने कहा कि गिरफ्तारी के आधारों की जानकारी में कथित कमी को आधार बनाकर जमानत देना उचित नहीं था।

छह महीने में ट्रायल पूरा करने पर जोर

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि मामले की सुनवाई तेजी से आगे बढ़ाई जानी चाहिए। यदि छह महीने के भीतर ट्रायल पूरा नहीं होता है तो सोनम रघुवंशी को नई जमानत याचिका दाखिल करने की स्वतंत्रता रहेगी। अदालत ने फिलहाल उन्हें तीन सप्ताह का समय देते हुए आत्मसमर्पण करने का आदेश दिया है।

गिरफ्तारी के आधारों को लेकर था विवाद

सोनम को इससे पहले गिरफ्तारी के आधारों की सूचना देने में कथित खामी के आधार पर जमानत मिली थी। बचाव पक्ष का तर्क था कि संविधान के अनुच्छेद 22(1) के तहत गिरफ्तारी के कारण स्पष्ट और उचित तरीके से बताए जाना अनिवार्य है।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि गिरफ्तारी के कारण बिल्कुल न बताना और उपलब्ध कराई गई जानकारी में कुछ कमी होना अलग-अलग स्थितियां हैं। इस मामले में ऐसा नहीं था कि आरोपी को गिरफ्तारी का आधार बताया ही नहीं गया था। इसलिए केवल तकनीकी या आंशिक कमी के आधार पर जमानत देना उचित नहीं माना जा सकता।

ट्रायल पर असर पड़ने की आशंका

अदालत ने यह भी माना कि मुकदमे की सुनवाई शुरू हो चुकी है और इस चरण में आरोपी का जमानत पर बाहर रहना न्यायिक प्रक्रिया को प्रभावित कर सकता है। इससे पहले मामले की मेरिट के आधार पर दाखिल जमानत अर्जियां खारिज हो चुकी थीं।

मेघालय सरकार की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने पक्ष रखा। उन्होंने दलील दी कि गिरफ्तारी दस्तावेज में मौजूद त्रुटि को ऐसी गंभीर कानूनी खामी नहीं माना जा सकता, जिसके आधार पर हत्या जैसे गंभीर आरोप के मामले में जमानत दे दी जाए।

राजा के परिवार ने फैसले का किया स्वागत

सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद राजा रघुवंशी के परिवार ने राहत जताई है। राजा के भाई विपिन रघुवंशी ने न्यायपालिका पर भरोसा जताते हुए कहा कि परिवार चाहता है कि मामले का ट्रायल तेजी से पूरा हो और जल्द फैसला आए।

क्या है पूरा मामला?

इंदौर निवासी राजा रघुवंशी और सोनम रघुवंशी मई 2025 में मेघालय घूमने गए थे। यात्रा के दौरान दोनों लापता हो गए थे। बाद में राजा का शव सोहरा क्षेत्र की एक गहरी खाई से बरामद हुआ था।

मेघालय पुलिस का आरोप है कि सोनम ने अन्य आरोपियों के साथ मिलकर राजा की हत्या की साजिश रची थी। हालांकि, मामले में अंतिम दोषसिद्धि अभी न्यायालय से होना बाकी है और सभी आरोप कानूनन सिद्ध होने तक आरोप ही माने जाएंगे।

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