सिंहस्थ-2028 के लिए 303 मास्टर ट्रेनर तैयार, प्रदेशभर के पुलिसकर्मियों को देंगे विशेष प्रशिक्षण
भीड़ प्रबंधन, यातायात नियंत्रण और आपदा प्रतिक्रिया पर फोकस; प्रयागराज महाकुंभ के सफल मॉडल भी प्रशिक्षण में शामिल

भोपाल। सिंहस्थ-2028 की सुरक्षा तैयारियों को मजबूत बनाने के लिए मध्यप्रदेश पुलिस ने प्रशिक्षण अभियान का महत्वपूर्ण चरण शुरू कर दिया है। अब तक आयोजित दो चरणों में 303 मास्टर ट्रेनर तैयार किए जा चुके हैं। ये प्रशिक्षक प्रदेश के अलग-अलग जिलों में पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को भीड़ नियंत्रण, सुरक्षा प्रबंधन, यातायात व्यवस्था तथा आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने का प्रशिक्षण देंगे।
भोपाल स्थित कुशाभाऊ ठाकरे इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर में शुक्रवार को आयोजित राज्यस्तरीय सेमिनार में प्रशिक्षण कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा की गई। बैठक में सिंहस्थ के लिए तैयार किए जा रहे प्रशिक्षण मॉड्यूल, तकनीकी संसाधनों और विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों के बीच समन्वय पर विस्तार से चर्चा हुई।
प्रयागराज महाकुंभ के अनुभवों से तैयार हुई रणनीति
पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा ने कहा कि सिंहस्थ विश्व के सबसे बड़े धार्मिक और आध्यात्मिक आयोजनों में शामिल है। इतने व्यापक आयोजन की सफलता के लिए प्रशिक्षित पुलिस बल, आधुनिक तकनीक और संबंधित विभागों के बीच बेहतर तालमेल आवश्यक है।
उन्होंने बताया कि प्रयागराज महाकुंभ-2025 के दौरान अपनाई गई व्यवस्थाओं का अध्ययन किया गया है। वहां भीड़ नियंत्रण, यातायात संचालन, श्रद्धालुओं की आवाजाही और सुरक्षा से जुड़े सफल प्रयोगों को सिंहस्थ-2028 की योजना में उपयोगी माना गया है। इन्हीं अनुभवों के आधार पर पुलिस प्रशिक्षण का विस्तृत मॉड्यूल तैयार किया गया है।
प्रदेशभर में प्रशिक्षण देंगे मास्टर ट्रेनर
तैयार किए गए मास्टर ट्रेनर अपने-अपने क्षेत्रों में पुलिसकर्मियों को चरणबद्ध तरीके से प्रशिक्षण देंगे। इस दौरान उन्हें अत्यधिक भीड़ वाले स्थानों पर सुरक्षित आवागमन, संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी, आपात निकासी, अफवाह नियंत्रण और श्रद्धालुओं से संवेदनशील व्यवहार के संबंध में जानकारी दी जाएगी।
प्रशिक्षण में मैदानी अभ्यास और वास्तविक परिस्थितियों पर आधारित अभ्यास भी शामिल किए जाएंगे, ताकि पुलिसकर्मी किसी भी आपात स्थिति में तेजी से निर्णय लेकर प्रभावी कार्यवाही कर सकें।
करीब 18 हजार नई भर्तियों से मजबूत होगा पुलिस बल
डीजीपी ने बताया कि वर्ष 2025 में 8,500 और वर्ष 2026 में 9,662 पुलिस पदों पर भर्ती की मंजूरी दी जा चुकी है। इस तरह करीब 18 हजार नए पुलिसकर्मियों के बल में शामिल होने का रास्ता साफ हुआ है।
लंबे अंतराल के बाद उप निरीक्षक और सूबेदार संवर्ग में भी भर्ती की गई है। चयनित अभ्यर्थियों का प्रशिक्षण जल्द शुरू किया जाएगा। नई भर्तियों से सिंहस्थ-2028 की सुरक्षा व्यवस्था के साथ प्रदेश की नियमित कानून-व्यवस्था को भी अतिरिक्त मानव संसाधन मिलेगा।
होल्डिंग एरिया और वन-वे मूवमेंट पर जोर
प्रयागराज महाकुंभ का अनुभव साझा करते हुए उत्तरप्रदेश रेलवे के डीजी डी. प्रकाश ने सिंहस्थ के दौरान बड़े होल्डिंग एरिया विकसित करने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि भीड़ को नियंत्रित करने के लिए वन-वे मूवमेंट, मार्गों की कलर कोडिंग और मार्शलिंग सिस्टम उपयोगी साबित हो सकते हैं।
उन्होंने अफवाहों को रोकने के लिए मजबूत और विश्वसनीय सूचना तंत्र विकसित करने की आवश्यकता भी बताई। भीड़ वाले आयोजनों में गलत सूचना तेजी से फैल सकती है, इसलिए समय पर आधिकारिक जानकारी उपलब्ध कराना जरूरी होगा।
उत्तरप्रदेश की डीजी रेणुका मिश्रा ने कहा कि सिंहस्थ में पुलिस की जिम्मेदारी केवल कानून-व्यवस्था और सुरक्षा तक सीमित नहीं रहेगी। पुलिसकर्मियों का व्यवहार ऐसा होना चाहिए, जिससे श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सकारात्मक अनुभव मिल सके।



