उज्जैन में दर्दनाक हादसा: सोते समय सीने पर चढ़ा सांप, डसने से ग्रामीण की मौत
घर में सो रहे 50 वर्षीय व्यक्ति को सांप ने बनाया शिकार, अस्पताल में उपचार के दौरान बिगड़ी हालत; बारिश के मौसम में बढ़ा सर्पदंश का खतरा

उज्जैन। बारिश के मौसम में सांपों के घरों और रिहायशी इलाकों तक पहुंचने की घटनाएं बढ़ जाती हैं। उज्जैन जिले के घट्टिया थाना क्षेत्र के इसाकपुर गांव में सर्पदंश की एक दर्दनाक घटना सामने आई है। यहां घर में सो रहे 50 वर्षीय नटवरलाल सोलंकी के सीने पर अचानक सांप चढ़ गया। नींद खुलने पर उन्होंने सांप को हटाने की कोशिश की, इसी दौरान सांप ने उन्हें डस लिया।
घटना रविवार और सोमवार की दरमियानी रात करीब डेढ़ बजे की बताई जा रही है। सर्पदंश के बाद नटवरलाल की आवाज सुनकर परिवार के सदस्य जाग गए। परिजनों ने सांप को वहां से हटाया और नटवरलाल को तत्काल उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया। हालांकि इलाज के दौरान उनकी हालत लगातार बिगड़ती गई और कुछ समय बाद उनकी मौत हो गई। घटना के बाद परिवार में मातम छा गया।
बारिश के मौसम में क्यों बढ़ जाता है सांपों का खतरा?
बारिश के दौरान सांपों के बिलों में पानी भरने के कारण वे सूखी और सुरक्षित जगह की तलाश में बाहर निकलते हैं। इसी वजह से खेत, घरों के आसपास, लकड़ी-कबाड़ के ढेर, गोदाम और झाड़ियों वाले स्थानों पर सांप दिखाई देने की आशंका बढ़ जाती है।
रात के समय विशेष सावधानी बरतने की जरूरत होती है। घर के आसपास अनावश्यक झाड़ियां और कबाड़ जमा नहीं होने देना चाहिए। दरवाजों के नीचे मौजूद बड़े अंतर को बंद रखना भी उपयोगी है। घर में चूहों की मौजूदगी कम करने पर भी ध्यान देना चाहिए, क्योंकि चूहों की तलाश में सांप रिहायशी इलाकों के करीब आ सकते हैं।
सोने से पहले बरतें सावधानी
बारिश के दिनों में फर्श पर सोने से बचना चाहिए। सोने से पहले बिस्तर, चादर और कमरे के आसपास एक बार जांच कर लेना बेहतर है। खेत या अंधेरे स्थान पर जाते समय टॉर्च का इस्तेमाल करें और पैरों में मजबूत जूते पहनें।
सांप के काटने पर तुरंत अस्पताल पहुंचाएं
सर्पदंश की स्थिति में घबराने के बजाय पीड़ित को जल्द से जल्द चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना जरूरी है। मरीज को अनावश्यक रूप से चलाने-फिराने से बचाएं और काटे गए हिस्से की गतिविधि कम रखें।
किसी तरह का घरेलू उपचार, कट लगाना या झाड़-फूंक कराने में समय गंवाने के बजाय तुरंत नजदीकी अस्पताल या स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाना चाहिए।
सर्पदंश के बाद क्या करें?
- पीड़ित को शांत रखें और अनावश्यक गतिविधि न करने दें।
- काटे गए हिस्से को कम से कम हिलाने की कोशिश करें।
- बिना देरी किए अस्पताल पहुंचाएं।
- घाव पर घरेलू नुस्खे या किसी पदार्थ का इस्तेमाल न करें।
- प्रभावित हिस्से को रस्सी या कपड़े से बहुत कसकर न बांधें।
- झाड़-फूंक के भरोसे इलाज में देरी न करें।
बारिश में सावधानी ही सबसे बड़ा बचाव
विशेषज्ञों के अनुसार सर्पदंश के मामलों में समय पर चिकित्सकीय उपचार बेहद महत्वपूर्ण होता है। सांप के काटने के बाद अंधविश्वास या घरेलू उपचार में समय गंवाने के बजाय तत्काल चिकित्सा सहायता लेना चाहिए। बारिश के मौसम में घर और आसपास के क्षेत्र को साफ-सुथरा रखने तथा रात के समय अतिरिक्त सावधानी बरतने से सर्पदंश के खतरे को कम किया जा सकता है।



