श्रावण में महाकाल दर्शन के लिए बदली यातायात व्यवस्था, सवारी मार्ग पर वाहनों की नो एंट्री
चार पहिया और दो पहिया वाहनों के लिए अलग पार्किंग निर्धारित; सोमवार की सवारी के दौरान शहर के कई प्रमुख मार्ग रहेंगे बंद

उज्जैन। श्रावण-भादौ मास में महाकालेश्वर मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं, कांवड़ यात्रियों और सोमवार को निकलने वाली भगवान महाकाल की सवारी को देखते हुए शहर में विशेष यातायात एवं डायवर्जन व्यवस्था लागू की गई है। पुलिस ने मंदिर क्षेत्र और सवारी मार्ग पर भीड़ नियंत्रित करने के लिए कई रास्तों पर वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित किया है।
श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि वे अपने वाहन केवल निर्धारित पार्किंग स्थलों पर खड़े करें। प्रतिबंधित मार्गों पर वाहन ले जाने से यातायात जाम और दर्शन व्यवस्था प्रभावित हो सकती है।
चार पहिया वाहनों के लिए यहां रहेगी पार्किंग
महाकाल मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं के चार पहिया वाहनों के लिए भील समाज, कर्कराज, चारधाम, इम्पीरियल, हरिफाटक स्थित मन्नत गार्डन और कार्तिक मेला मैदान में पार्किंग व्यवस्था की गई है।
कार्तिक मेला मैदान में मुख्य रूप से बसों और भारी वाहनों को खड़ा कराया जाएगा। अन्य पार्किंग स्थल भरने की स्थिति में चार पहिया वाहनों को भी कार्तिक मेला मैदान की ओर भेजा जाएगा।
दो पहिया वाहनों के लिए तीन पार्किंग स्थल
दो पहिया वाहनों के लिए हरसिद्धि पाल, क्षीरसागर मैदान और टंकी चौराहा स्थित मल्टीलेवल पार्किंग निर्धारित की गई है। श्रद्धालु इन स्थानों पर वाहन खड़ा करने के बाद पैदल अथवा उपलब्ध परिवहन व्यवस्था से मंदिर क्षेत्र तक पहुंच सकेंगे।
हरिफाटक चौराहे की ओर से आने वाले श्रद्धालुओं को जंतर-मंतर और लालपुल मार्ग से कर्कराज तथा भील समाज पार्किंग तक भेजा जाएगा।
कालभैरव मंदिर जाने के लिए वैकल्पिक मार्ग
महाकाल दर्शन के बाद कालभैरव मंदिर जाने वाले श्रद्धालु हरिफाटक, कचराघर, जंतर-मंतर, लालपुल, कालिदास उद्यान, रंजीत हनुमान, मोजमखेड़ी और शंकराचार्य चौराहे से आगे बढ़ सकेंगे।
इंदौर, देवास और भोपाल की ओर से सीधे कालभैरव मंदिर जाने वाले वाहनों के लिए इंजीनियरिंग कॉलेज तिराहा, पाइप फैक्ट्री, विक्रम नगर, मंडी, मकोड़ियाआम, खाक चौक और जेल तिराहा मार्ग निर्धारित किया गया है।
सोमवार की सवारी में लागू रहेगा विशेष डायवर्जन
भगवान महाकाल की सवारी शाम 4 बजे महाकालेश्वर मंदिर से प्रारंभ होगी। सवारी कोट मोहल्ला, गुदरी चौराहा, बक्षी बाजार, कहारवाड़ी, रामघाट, गणगौर दरवाजा, ढाबा रोड, हरसिद्धि पाल, कार्तिक चौक, टंकी चौक, छत्री चौक, गोपाल मंदिर और पटनी बाजार से होकर पुनः मंदिर पहुंचेगी।
सवारी निकलने के दौरान निर्धारित मार्ग पर किसी भी प्रकार के वाहन का प्रवेश नहीं दिया जाएगा। सुरक्षा और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पुलिस बल के साथ यातायात कर्मचारी प्रमुख चौराहों पर तैनात रहेंगे।
भारी वाहनों को तपोभूमि चौराहे से किया जाएगा डायवर्ट
बड़नगर, रतलाम, नागदा, मंदसौर और नीमच की ओर जाने वाले भारी वाहनों को सवारी के समय तपोभूमि चौराहे से वैकल्पिक मार्ग पर भेजा जाएगा।
देवासगेट बस स्टैंड से हरिफाटक की ओर बसों और भारी वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा। हरिफाटक टी, दौलतगंज, तेलीवाड़ा और कार्तिक चौक से भी सवारी मार्ग की ओर वाहन नहीं जा सकेंगे।
इन मार्गों पर वाहन ले जाने से बचें
श्रावण की भीड़ और सवारी व्यवस्था के दौरान देवासगेट से दौलतगंज, इंदौर गेट से दौलतगंज, यादव धर्मशाला और बेगमबाग से महाकाल घाटी की ओर वाहनों का प्रवेश प्रभावित रहेगा।
इसी तरह हरसिद्धि पाल से गुदरी, दानीगेट से ढाबा रोड-कमरी मार्ग और जूना सोमवारिया से केडी गेट की दिशा में वाहन ले जाने से बचने की सलाह दी गई है।
पुलिस ने श्रद्धालुओं से यातायात संकेतकों, बैरिकेडिंग और मौके पर तैनात कर्मचारियों के निर्देशों का पालन करने की अपील की है। निर्धारित पार्किंग और वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करने से मंदिर क्षेत्र में भीड़ तथा यातायात दबाव कम करने में सहायता मिलेगी।



