सिंहस्थ-2028 की तैयारियों का जायजा लेने निकले जनप्रतिनिधि, विकास कार्यों का किया निरीक्षण
जल परियोजना से लेकर नए मेला कार्यालय और शिप्रा पर 8 लेन पुल तक पहुंचा निरीक्षण दल

उज्जैन, 22 अगस्त। सिंहस्थ महापर्व 2028 को लेकर उज्जैन में चल रहे विकास कार्यों की जमीनी स्थिति जानने के लिए शनिवार को जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों ने निर्माणाधीन परियोजनाओं का दौरा किया। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों से कार्यों की प्रगति, निर्माण की गुणवत्ता और निर्धारित समय-सीमा को लेकर जानकारी ली गई।
पर्यावरण संरक्षण और ईंधन की बचत का संदेश देते हुए जनप्रतिनिधि और अधिकारी अलग-अलग वाहनों के बजाय दो ट्रेवलर वाहनों से विभिन्न निर्माण स्थलों तक पहुंचे। भ्रमण के दौरान सिंहस्थ की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए चल रही प्रमुख परियोजनाओं का मौके पर निरीक्षण किया गया।
हरियाखेड़ी जल परियोजना से शुरू हुआ दौरा
सिंहस्थ मेला कार्यालय में बैठक के बाद निरीक्षण दल सबसे पहले हरियाखेड़ी जल आवर्धन परियोजना पहुंचा। सिंहस्थ के दौरान उज्जैन शहर के साथ ही मेला क्षेत्र में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की आवाजाही को देखते हुए इस परियोजना को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
नगर निगम आयुक्त अभिलाष मिश्रा ने परियोजना की मौजूदा स्थिति, कार्य की प्रगति और भविष्य में होने वाले उपयोग के संबंध में जनप्रतिनिधियों को जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि परियोजना का उद्देश्य सिंहस्थ के दौरान बढ़ने वाली जल आवश्यकता को बेहतर तरीके से पूरा करने में मदद करना है।
नए मेला कार्यालय और कंट्रोल सेंटर का निरीक्षण
इसके बाद दल कार्तिक मेला क्षेत्र में निर्माणाधीन नवीन मेला कार्यालय और एकीकृत कमांड एवं कंट्रोल सेंटर का निरीक्षण करने पहुंचा। यहां उज्जैन विकास प्राधिकरण के सीईओ संदीप सोनी ने परियोजना की कार्ययोजना और उपयोगिता के बारे में जानकारी दी।
नए मेला कार्यालय के माध्यम से सिंहस्थ क्षेत्र में होने वाली गतिविधियों और विभिन्न व्यवस्थाओं की निगरानी को अधिक प्रभावी बनाने की योजना है। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने निर्माण की वर्तमान स्थिति से जनप्रतिनिधियों को अवगत कराया।
शिप्रा नदी पर बन रहे 8 लेन रपटा का भी जायजा
निरीक्षण दल इसके बाद शिप्रा नदी के तट पर पहुंचा। यहां निर्माणाधीन नवीन 8 लेन रपटा के कार्य का जायजा लिया गया। पीडब्ल्यूडी सेतु संभाग के अधिकारियों ने निर्माण कार्य की प्रगति और परियोजना से जुड़ी तकनीकी जानकारी साझा की।
जनप्रतिनिधियों ने अधिकारियों से कहा कि सिंहस्थ महापर्व के दौरान श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या को देखते हुए सभी निर्माण कार्यों को तय समय-सीमा के भीतर पूरा किया जाए। साथ ही निर्माण की गुणवत्ता से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं करने के निर्देश दिए गए।
कई प्रमुख अधिकारी और जनप्रतिनिधि रहे मौजूद
निरीक्षण के दौरान सांसद अनिल फिरोजिया, विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा, महापौर मुकेश टटवाल, मध्यप्रदेश गृह निर्माण मंडल के अध्यक्ष ओम जैन, सिंहस्थ मेला प्राधिकरण के अध्यक्ष जगदीश अग्रवाल, उज्जैन विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष रवि सोलंकी, संजय अग्रवाल, संभागायुक्त एवं सिंहस्थ मेला अधिकारी आशीष सिंह, कलेक्टर रौशन कुमार सिंह, नगर निगम आयुक्त अभिलाष मिश्रा, अपर आयुक्त संतोष टैगोर और उप मेला अधिकारी संदीप सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी मौजूद रहे।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने सिंहस्थ 2028 की व्यापक आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए विकास परियोजनाओं में तेजी लाने पर जोर दिया। साथ ही यह सुनिश्चित करने की बात कही गई कि सभी निर्माण कार्य समय पर और निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुरूप पूरे हों।



