शिप्रा नदी में डूब रही महिला के लिए देवदूत बने SDRF जवान, साहस दिखाकर बचाई जान
सिद्धवट घाट पर पैर फिसलने से गहरे पानी में चली गई थीं राजस्थान की महिला, जवानों ने समय रहते नदी में उतरकर किया रेस्क्यू

उज्जैन, 22 अगस्त। सिद्धवट घाट पर शनिवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब शिप्रा नदी के किनारे मौजूद एक महिला अचानक पैर फिसलने से नदी में जा गिरी। पानी की गहराई अधिक होने के कारण महिला कुछ ही देर में डूबने लगी। मौके पर तैनात एसडीआरएफ के जवानों ने बिना देर किए मोर्चा संभाला और महिला को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
जानकारी के मुताबिक, राजस्थान के ब्यावर जिले के विजयनगर निवासी देवी तिलवानी सिद्धवट घाट पर शिप्रा नदी के किनारे बैठी थीं। वहां से उठकर जाने के दौरान उनका पैर अचानक फिसल गया और वे सीधे नदी में जा गिरीं। देखते ही देखते वह गहरे पानी की ओर चली गईं और डूबने लगीं।
महिला को पानी में संघर्ष करते देख घटनास्थल पर तैनात एसडीआरएफ जवान सैनिक 381 रामसिंह ने तत्काल नदी में छलांग लगा दी। उन्होंने महिला तक पहुंचने की कोशिश शुरू कर दी। इसी बीच टीम के अन्य जवान भी रेस्क्यू उपकरणों के साथ पानी में उतर गए और बचाव अभियान में जुट गए।
एसडीआरएफ टीम के संयुक्त प्रयासों के बाद महिला को पानी से बाहर निकाल लिया गया। समय पर शुरू किए गए रेस्क्यू ऑपरेशन के चलते उनकी जान बच गई और उन्हें सुरक्षित किनारे तक पहुंचाया गया।
डिस्ट्रिक्ट कमांडेंट होमगार्ड संतोष कुमार जाट ने बताया कि एसडीआरएफ जवानों की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई के कारण महिला को सुरक्षित बचाया जा सका। घटना के दौरान जवानों ने जिस तरह जोखिम उठाकर रेस्क्यू अभियान चलाया, वह उनकी कर्तव्यनिष्ठा और मानवीय संवेदनशीलता को दर्शाता है।



