वीर भारत संग्रहालय का मूल स्वरूप रहेगा सुरक्षित, मुख्यमंत्री ने गुणवत्ता पर समझौता नहीं करने के दिए निर्देश
कोठी महल में चल रहे जीर्णोद्धार कार्य का औचक निरीक्षण; पारंपरिक निर्माण तकनीक अपनाने और परियोजना समय-सीमा में पूरी करने पर जोर

उज्जैन, 30 जुलाई। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरुवार को कोठी महल परिसर में निर्माणाधीन वीर भारत संग्रहालय के जीर्णोद्धार कार्य का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने ऐतिहासिक भवन में इस्तेमाल की जा रही निर्माण सामग्री की गुणवत्ता जांची और अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जीर्णोद्धार के दौरान भवन की मौलिक वास्तुकला तथा प्राचीन स्वरूप से किसी प्रकार की छेड़छाड़ न की जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि संग्रहालय के पुनरुद्धार में आधुनिक जरूरतों के साथ पारंपरिक निर्माण पद्धतियों का संतुलन रखा जाए। भवन के ऐतिहासिक महत्व को देखते हुए काम में वही तकनीक और सामग्री उपयोग की जाए, जो उसके मूल स्थापत्य के अनुरूप हो। उन्होंने निर्माण एजेंसी को गुणवत्ता के निर्धारित मानकों का सख्ती से पालन करते हुए सभी कार्य तय समय में पूरे करने को कहा।
निर्माण सामग्री की गुणवत्ता का लिया जायजा
निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने निर्माण स्थल पर रखी सामग्री को स्वयं देखा और उसके उपयोग के संबंध में तकनीकी अधिकारियों से जानकारी ली। उन्होंने वहां काम कर रहे श्रमिकों और कारीगरों से बातचीत कर कार्य की प्रगति तथा निर्माण प्रक्रिया के बारे में भी जाना।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐतिहासिक इमारत का जीर्णोद्धार सामान्य निर्माण कार्य की तरह नहीं किया जा सकता। भवन की दीवारों, मेहराबों, छत, सजावटी हिस्सों और पुराने स्थापत्य तत्वों को सुरक्षित रखते हुए मरम्मत की जाए। नई सामग्री का उपयोग वहीं किया जाए, जहां तकनीकी रूप से आवश्यक हो।
स्मार्ट सिटी परियोजना के अंतर्गत हो रहा काम
वीर भारत संग्रहालय का जीर्णोद्धार उज्जैन स्मार्ट सिटी परियोजना के अंतर्गत कराया जा रहा है। निर्माण एजेंसी ‘दी धरोहर’ की अधिकारी संगीता बैस ने मुख्यमंत्री को अब तक पूरे किए गए कार्यों और आगामी चरणों की जानकारी दी।
मुख्यमंत्री ने संग्रहालय भवन के विभिन्न हिस्सों का निरीक्षण करते हुए अधिकारियों से कहा कि प्राचीन संरचना की मजबूती और सुरक्षा को प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने भवन के मूल डिजाइन, पारंपरिक स्वरूप और ऐतिहासिक पहचान को संरक्षित रखने के लिए विशेषज्ञों की सलाह के अनुसार कार्य करने के निर्देश दिए।
दूसरे चरण में संवरेगा आंतरिक और बाहरी परिसर
अधिकारियों ने बताया कि परियोजना के प्रथम चरण का काम वर्तमान में प्रगति पर है। इसके बाद दूसरे चरण में पुराने आर्किटेक्चर को पुनर्जीवित करने के साथ इंटीरियर डिजाइनिंग और प्रदर्शनी से जुड़ी व्यवस्थाएं विकसित की जाएंगी।
संग्रहालय के आसपास लैंडस्केपिंग, साइट डेवलपमेंट और सुव्यवस्थित पार्किंग का निर्माण भी प्रस्तावित है। परिसर को इस तरह विकसित किया जाएगा कि यहां आने वाले पर्यटकों और दर्शकों को ऐतिहासिक अनुभव के साथ आधुनिक सुविधाएं भी मिल सकें।
नवंबर तक कार्य पूरा करने का लक्ष्य
प्रशासनिक अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि संग्रहालय का निर्माण और जीर्णोद्धार कार्य आगामी नवंबर तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। मुख्यमंत्री ने संबंधित विभागों और निर्माण एजेंसी को आपसी समन्वय के साथ काम की नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा, विधायक सतीश मालवीय, मध्य प्रदेश हाउसिंग बोर्ड अध्यक्ष ओम जैन, उज्जैन विकास प्राधिकरण अध्यक्ष डॉ. रवि सोलंकी, नगर भाजपा अध्यक्ष संजय अग्रवाल, एडीजी राकेश गुप्ता, संभागायुक्त आशीष सिंह, कलेक्टर रौशन कुमार सिंह, नगर निगम आयुक्त अभिलाष मिश्रा, पुलिस अधीक्षक प्रदीप शर्मा सहित जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।



