नागदा में चंबल उफान पर: चारों डेम ओवरफ्लो, सीजन में पहली बार माता चामुंडा का हुआ जलाभिषेक

24 घंटे में 4 इंच बारिश से चंबल नदी उफान पर, 961 एमसीएफटी जल भंडारण के साथ चारों डेम छलके; माता चामुंडा मंदिर में पहली बार हुआ प्राकृतिक जलाभिषेक।

नागदा। मानसून की पहली तेज बारिश ने नागदा और आसपास के क्षेत्र का मौसम पूरी तरह बदल दिया है। मंगलवार शाम से शुरू हुई मूसलधार बारिश बुधवार सुबह तक लगातार जारी रही। महज कुछ घंटों की बारिश में चंबल नदी उफान पर पहुंच गई और सीजन में पहली बार माता चामुंडा मंदिर तक जलधारा पहुंचने से प्राकृतिक जलाभिषेक का दुर्लभ दृश्य देखने को मिला।

सुबह से ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु और स्थानीय लोग छोटी पुलिया पर पहुंचकर चंबल के तेज बहाव और माता चामुंडा के जलाभिषेक के दर्शन करने लगे। वहीं हनुमान पाला भी पानी से लबालब भर गया, जिससे पूरे क्षेत्र का नजारा आकर्षण का केंद्र बना रहा।

बारिश के आंकड़ों पर नजर डालें तो पिछले 24 घंटे में करीब 4 इंच वर्षा रिकॉर्ड की गई। इसके साथ ही 1 जून से अब तक कुल वर्षा लगभग 12 इंच पहुंच चुकी है, जो पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में लगभग 4 इंच अधिक है। लगातार बारिश से शहर की कई सड़कों पर पानी भर गया, जबकि तापमान में गिरावट आने से लोगों को गर्मी से राहत मिली।

चारों डेम छलके, जल भंडारण क्षमता पूरी

चंबल नदी पर बने चारों प्रमुख डेम तेज बारिश के बाद पूरी क्षमता के साथ ओवरफ्लो हो गए हैं। इनमें डेम नंबर-1, डेम नंबर-2, पिपलौदा और अमलावदिया बीका डेम शामिल हैं। इन चारों जलाशयों में कुल 961 एमसीएफटी पानी संग्रहित हो चुका है। इसके अलावा जलवाल तालाब और टकरावदा तालाब भी अच्छी मात्रा में भर गए हैं। इससे आने वाले समय में शहर की पेयजल व्यवस्था और औद्योगिक जलापूर्ति को लेकर राहत मिलने की उम्मीद है।

चंबल मैया का पूजन-अर्चन किया गया

चंबल नदी के पहली बार तेज प्रवाह में आने पर हनुमान पाला स्थित हनुमान मंदिर के पुजारी भुवनेश्वर शर्मा ने चंबल मैया का पूजन-अर्चन कर आभार व्यक्त किया। उनका कहना है कि चंबल नदी क्षेत्र की जीवनदायिनी है और इसका भरपूर प्रवाह पूरे क्षेत्र के लिए शुभ संकेत माना जाता है।

मौसम विभाग के अनुसार अगले एक-दो दिनों में हल्की से मध्यम बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है, जिससे नदी और जलाशयों का जलस्तर बना रह सकता है

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