सिंहस्थ-2028 के लिए उज्जैन के 8 प्रमुख मार्गों का रास्ता साफ, मुआवजे के प्रस्ताव मंजूर
नगर निगम परिषद की स्वीकृति के बाद अधिग्रहण, कब्जा हस्तांतरण और सड़क निर्माण की प्रक्रिया में आएगी तेजी

उज्जैन। सिंहस्थ-2028 की तैयारियों के तहत शहर के आठ प्रमुख मार्गों के चौड़ीकरण की दिशा में बड़ी प्रशासनिक बाधा दूर हो गई है। नगर निगम के विशेष सम्मेलन में प्रभावित मकान और दुकानों के हितग्राहियों को मुआवजा देने से जुड़े प्रस्तावों को मंजूरी मिलने के बाद अब भूमि अधिग्रहण और निर्माण कार्य आगे बढ़ सकेगा।
सम्मेलन में कुल 26 प्रस्तावों को स्वीकृति दी गई। इनमें सिंहस्थ से जुड़े महत्वपूर्ण मार्गों के चौड़ीकरण के लिए क्षतिपूर्ति का विषय प्रमुख रहा। अब नगर निगम और संबंधित विभाग प्रभावित लोगों को मुआवजा देने, आवश्यक भूमि का हस्तांतरण कराने और निर्माण क्षेत्र खाली कराने की प्रक्रिया शुरू करेंगे। इसके बाद निर्माण एजेंसियों को कार्यस्थल सौंपा जाएगा।
महाकाल क्षेत्र से जुड़ने वाले मार्ग को मिलेगी राहत
गदा पुलिया से जयसिंहपुरा होते हुए लालपुल तक भगतसिंह मार्ग का चौड़ीकरण सबसे महत्वपूर्ण परियोजनाओं में शामिल है। यह मार्ग पुराने शहर को महाकाल क्षेत्र से जोड़ता है और सामान्य दिनों में भी यहां यातायात का दबाव बना रहता है।
सड़क चौड़ी होने के बाद जाम की समस्या कम होने की उम्मीद है। सिंहस्थ के दौरान इस मार्ग से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की आवाजाही होगी, इसलिए प्रशासन इसे प्राथमिकता से पूरा करने की तैयारी कर रहा है।
व्यस्त बाजार क्षेत्रों में आसान होगा यातायात
वीडी क्लॉथ मार्केट से तेलीवाड़ा, ढाबा रोड और छोटी पुलिया तक के मार्ग के चौड़ीकरण को भी आगे बढ़ाया जाएगा। यह हिस्सा शहर के व्यस्त व्यापारिक इलाकों में शामिल है। संकरे मार्ग और भारी आवाजाही के कारण यहां अक्सर यातायात बाधित होता है।
चौड़ीकरण पूरा होने के बाद बाजार क्षेत्र में वाहन संचालन बेहतर होगा। इससे छोटे एवं फुटकर व्यापारियों, ग्राहकों और स्थानीय रहवासियों को भी सुविधा मिलने की संभावना है।
स्टेशन और बस स्टैंड क्षेत्र का दबाव होगा कम
गाड़ी अड्डा चौराहे से बड़ापुल तक लाला लाजपतराय मार्ग, वल्लभभाई पटेल मार्ग और वीर दुर्गादास मार्ग के चौड़ीकरण की प्रक्रिया भी अब तेज हो सकेगी।
इन मार्गों के विकसित होने से रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और शहर के मध्य क्षेत्र में यातायात का दबाव कम करने में मदद मिलेगी। प्रशासन का प्रयास है कि सिंहस्थ के पहले प्रमुख प्रवेश और निकासी मार्गों को पर्याप्त चौड़ाई के साथ तैयार कर लिया जाए।
महाकाल पार्किंग तक बेहतर होगी पहुंच
हरिफाटक मार्ग से महाराजवाड़ा स्कूल क्रमांक-2 होते हुए महाकाल पार्किंग तक सड़क चौड़ीकरण के प्रस्ताव को भी स्वीकृति मिल गई है। यह महाकाल मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं के लिए महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग है।
त्योहारों, श्रावण मास और महाकाल सवारी के दौरान इस मार्ग पर अत्यधिक दबाव रहता है। चौड़ीकरण होने से पार्किंग तक पहुंचने वाले वाहनों को सुविधा मिलेगी और भीड़ प्रबंधन भी बेहतर हो सकेगा।
इंदौर रोड से बढ़ेगी कनेक्टिविटी
गेल इंडिया चौराहे से नीलगंगा, शांतिनगर और मंथन चौराहे तक सड़क चौड़ीकरण का प्रस्ताव भी पारित हुआ है। इसके साथ ही सांवेर रोड से मुनीनगर, सार्थक नगर होते हुए इंदौर रोड तक मार्ग विकसित किया जाएगा।
इन सड़कों के निर्माण से इंदौर रोड की कनेक्टिविटी बेहतर होगी। शहर के तेजी से विकसित हो रहे आवासीय क्षेत्रों को भी मुख्य मार्गों तक सीधा और सुविधाजनक संपर्क मिलेगा।
हरिफाटक आरओबी परियोजना के प्रभावितों को भी मुआवजा
हामुखेड़ी स्थित बिजासन माता मंदिर से देवास रोड तक सड़क चौड़ीकरण और हरिफाटक आरओबी फोरलेन परियोजना से प्रभावित हितग्राहियों को मुआवजा देने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई है।
इन परियोजनाओं का उद्देश्य सिंहस्थ के दौरान शहर में सुरक्षित, निर्बाध और व्यवस्थित यातायात व्यवस्था तैयार करना है। हरिफाटक क्षेत्र महाकाल मंदिर और शहर के प्रमुख हिस्सों को जोड़ने वाला महत्वपूर्ण यातायात केंद्र है।
अब मुआवजा वितरण की गति पर नजर
प्रस्तावों की मंजूरी के बाद सबसे महत्वपूर्ण चरण मुआवजा वितरण और भूमि का वास्तविक कब्जा प्राप्त करना होगा। प्रभावित हितग्राहियों को समय पर भुगतान होने और स्थल खाली होने के बाद ही निर्माण एजेंसियां तेजी से काम शुरू कर सकेंगी।
यदि अधिग्रहण, क्षतिपूर्ति और निर्माण से पहले की औपचारिकताएं निर्धारित समय में पूरी हो जाती हैं तो लंबे समय से रुकी कई सड़क परियोजनाओं को गति मिल सकती है। सिंहस्थ-2028 से पहले इन सभी मार्गों का निर्माण पूरा करना नगर निगम और जिला प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती रहेगा।
इन मार्गों पर होगा चौड़ीकरण
गदा पुलिया–जयसिंहपुरा–लालपुल, वीडी क्लॉथ मार्केट–तेलीवाड़ा–ढाबा रोड–छोटी पुलिया, गाड़ी अड्डा–बड़ापुल, हरिफाटक–महाकाल पार्किंग, गेल इंडिया चौराहा–नीलगंगा–शांतिनगर–मंथन चौराहा, सांवेर रोड–मुनीनगर–सार्थक नगर–इंदौर रोड, हामुखेड़ी बिजासन माता मंदिर–देवास रोड और हरिफाटक आरओबी फोरलेन परियोजना से जुड़े क्षेत्र।



