MP कैबिनेट के बड़े फैसले: 41 हजार करोड़ के प्रस्ताव मंजूर, उज्जैन में बनेगा नया प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय
मंत्रिपरिषद के बड़े फैसले: ग्रामीण रोजगार योजना के लिए 29,619 करोड़, डेयरी सेक्टर के लिए 2,973 करोड़ और भोपाल बायपास के लिए 3,774 करोड़ रुपये स्वीकृत

उज्जैन, 1 सितंबर 2026। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रालय में हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में मध्यप्रदेश के विकास, सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, ग्रामीण रोजगार और कृषि से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक में करीब 41 हजार करोड़ रुपये से अधिक के वित्तीय प्रस्तावों को स्वीकृति या अनुसमर्थन मिला।
बैठक में ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ाने, सड़क नेटवर्क मजबूत करने, तकनीकी शिक्षा का विस्तार करने और दुग्ध उत्पादकों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने से जुड़े फैसले लिए गए।
बैठक के प्रमुख फैसले
- वीबी जी राम जी योजना के लिए 29,619 करोड़ रुपये के वित्तीय प्रस्ताव का अनुसमर्थन।
- डेयरी विकास और सांची ब्रांड के उन्नयन के लिए 2,973 करोड़ रुपये मंजूर।
- भोपाल, उज्जैन और जबलपुर में तीन प्रौद्योगिकी एवं कौशल विश्वविद्यालय स्थापित करने की मंजूरी।
- पश्चिम भोपाल बायपास के लिए 3,774 करोड़ रुपये की पुनरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति।
- मेहलुआ-बीना-खिमलासा-मालथौन मार्ग के निर्माण के लिए 3,272 करोड़ रुपये की मंजूरी।
- चिकित्सा उपकरणों के रखरखाव के लिए 488 करोड़ रुपये स्वीकृत।
- चिकित्सा संस्थानों की परिसंपत्तियों के संधारण के लिए 915.77 करोड़ रुपये मंजूर।
- मैहर, मऊगंज और पांढुर्णा में सामाजिक न्याय विभाग के जिला कार्यालयों के लिए 21 पदों को मंजूरी।
- निवाड़ी, मऊगंज, पांढुर्णा और मैहर में जिला आयुष कार्यालयों के लिए 20 पद स्वीकृत।
- ग्रीष्मकालीन मूंग की सरकारी खरीदी सीमा 25 प्रतिशत से बढ़ाकर 60 प्रतिशत करने के निर्णय का अनुसमर्थन।
ग्रामीण रोजगार योजना में अब 125 दिन रोजगार की गारंटी
मंत्रिपरिषद ने ‘विकसित भारत (ग्रामीण): वीबी जी राम जी विकसित भारत जी राम जी योजना मध्यप्रदेश’ को 1 जुलाई 2026 से लागू किए जाने का अनुसमर्थन किया। वर्ष 2026-27 के लिए करीब 3,183 करोड़ रुपये और वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक योजना के लिए कुल 26,436 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत वाले प्रस्ताव को मंजूरी दी गई।
नई व्यवस्था में ग्रामीण परिवारों के इच्छुक वयस्क सदस्यों को एक वित्तीय वर्ष में 125 दिन के श्रम आधारित रोजगार की वैधानिक गारंटी मिलेगी। इसके साथ ही ग्राम पंचायत स्तर पर जीआईएस, पीएम गति शक्ति और डिजिटल तकनीक के माध्यम से विकास योजनाएं तैयार की जाएंगी।
योजना में बायोमेट्रिक उपस्थिति, डिजिटल मस्टर रोल और नियमित सामाजिक अंकेक्षण जैसी व्यवस्थाओं को भी शामिल किया गया है।
डेयरी सेक्टर के लिए 2,973 करोड़ का पैकेज
दुग्ध उत्पादकों और सहकारी संस्थाओं को मजबूत करने के उद्देश्य से 2,973 करोड़ रुपये की डेयरी विकास योजना को मंजूरी दी गई है। अगले पांच वर्षों में दुग्ध समितियों का विस्तार 7,331 से बढ़ाकर 26 हजार गांवों तक करने का लक्ष्य रखा गया है।
दूध संकलन क्षमता को 12 लाख किलोग्राम प्रतिदिन से बढ़ाकर 52 लाख किलोग्राम प्रतिदिन और प्रसंस्करण क्षमता को 17.8 लाख लीटर से बढ़ाकर 63.3 लाख लीटर प्रतिदिन करने की योजना है। सांची ब्रांड के विस्तार और दुग्ध उत्पादकों की आय बढ़ाने पर भी जोर रहेगा।
उज्जैन में खुलेगा मालवा प्रौद्योगिकी एवं कौशल विश्वविद्यालय
तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में बड़ा बदलाव करते हुए वर्तमान राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (RGPV) के पुनर्गठन को मंजूरी दी गई है। इसके बाद प्रदेश में तीन अलग-अलग प्रौद्योगिकी एवं कौशल विश्वविद्यालय स्थापित किए जाएंगे।
- भोपाल: मध्य भारत प्रौद्योगिकी एवं कौशल विश्वविद्यालय
- उज्जैन: मालवा प्रौद्योगिकी एवं कौशल विश्वविद्यालय
- जबलपुर: महाकौशल प्रौद्योगिकी एवं कौशल विश्वविद्यालय
उज्जैन विश्वविद्यालय के क्षेत्राधिकार में उज्जैन और इंदौर संभाग के तकनीकी संस्थान शामिल होंगे। तीनों विश्वविद्यालयों के लिए अलग-अलग अधिनियम लागू किए जाएंगे।
पश्चिम भोपाल बायपास को मिली नई मंजूरी
35.61 किलोमीटर लंबे पश्चिम भोपाल बायपास को चार लेन और पेव्ड शोल्डर के साथ विकसित करने के लिए 3,225.51 करोड़ रुपये की परियोजना वित्तीय लागत को पुनरीक्षित स्वीकृति मिली है। निर्माण पूर्व कार्यों के लिए 548.29 करोड़ रुपये सहित कुल स्वीकृत राशि करीब 3,774 करोड़ रुपये है।
बायपास बनने के बाद जबलपुर और नर्मदापुरम की ओर से इंदौर जाने वाले वाहनों को भोपाल शहर से होकर गुजरने की जरूरत नहीं होगी। इससे करीब 21 किलोमीटर की दूरी कम होने का अनुमान है।
मेहलुआ-बीना-मालथौन मार्ग को भी मंजूरी
मेहलुआ-बीना-खिमलासा-मालथौन के बीच 67.116 किलोमीटर लंबी चार लेन सड़क के निर्माण को मंजूरी दी गई है। परियोजना के लिए करीब 3,272 करोड़ रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति दी गई है।
यह मार्ग बीना के औद्योगिक क्षेत्र, रिफाइनरी, थर्मल पावर प्लांट और रेलवे नेटवर्क को बेहतर कनेक्टिविटी देने में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
स्वास्थ्य सेवाओं के लिए 1,400 करोड़ से ज्यादा
चिकित्सा संस्थानों में मशीनों और उपकरणों के रखरखाव के लिए 488.41 करोड़ रुपये तथा विभागीय परिसंपत्तियों के संधारण के लिए 915.77 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। दोनों योजनाओं को वर्ष 2026 से 2031 तक जारी रखने की स्वीकृति दी गई है।
मूंग खरीदी की सीमा 60 प्रतिशत
किसानों से जुड़ा अहम फैसला लेते हुए पंजीकृत कृषकों से ग्रीष्मकालीन मूंग की उपज के सरकारी उपार्जन की सीमा 25 प्रतिशत से बढ़ाकर 60 प्रतिशत करने के निर्णय का अनुसमर्थन किया गया। मूंग और उड़द की खरीदी 1 जुलाई 2026 से किए जाने का निर्णय भी इसमें शामिल है।



